फैजल खान उर्फ़ खान सर को BPSC ने भेजा लीगल नोटिस, अधिकारियों पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप, 15 दिनों के भीतर माफी मांगने को कहा

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने खान सर को लीगल नोटिस भेजा है। खान ग्लोबल के पांचों कोचिंग सेंटर को यह नोटिस भेजा गया है। खान सर पर यह आरोप है कि उन्होंने आयोग के अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक गलत शब्दों का प्रयोग किया था। अधिकारियों पर टिप्पणियां की थी। इसी बात को लेकर आयोग ने दिल्ली के मुखर्जी नगर, करोगबाग, पटना के बोरिंग रोड, पटना के मुसल्लहपुर हाट और प्रयागराज वाले कोचिंग सेंटर पर पांच पन्ने का लीगल नोटिस भेजा है और 15 दिनों के भीतर फैजल खान उर्फ़ खान सर को माफी मांगने को कहा है।

बता दें कि फैजल खान उर्फ़ खान सर बिहार के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में एक हैं। जिनके खिलाफ बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने लीगल नोटिस भेज 15 दिन के अंदर माफी मांगने को कहा है। आयोग के लीगल नोटिस में इस बात का जिक्र है कि फैजल खान उर्फ़ खान सर ने 05.12.2024 और 06.12.2024 को आयोग से बिना मालूम किये ही 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा में सामान्यीकरण यानी नॉर्मलाइजेशन लागू किए जाने के बारे में गलत अफवाह फैलाई और छात्रों को आयोग के खिलाफ विरोध करने के लिए उकसाया। आयोग के द्वारा भेजे गये लीगल नोटिस में इस बात का भी जिक्र है कि खान सर ने अधिकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की। कहा कि ये मध्यम वर्ग के बच्चे हैं.. कोई इनके SDM और DSP का सीट बेचेगा, यह हम होने नहीं देंगे।

नोटिस में यह भी कहा कि गया 29 दिसंबर को खान सर ने छात्रों की भीड़ को संबोधित करते हुए आयोग के अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का  प्रयोग किया था। जैसे बकलोल कहिका कह रहा है कि आंदोलन करने वाले छात्र नहीं है, वो अपना जैसा समझ रहा है, जैसे ‘वो सब फर्जी नौकरी लेलिया ना। “बेशरम, साला ऊपर जाके जवाब देना है..कोढ़ी फूटेगा” लोक सेवा आयोग ने धांधली की है..आयोग का पूरा मिलिभगत है, जब भी SDM और DSP का वैकेंसी आएगा तब सारा सीट बेच दिया जाएगा। इस दौरान यह भी कहा गया कि मनु भाई चोर है। आयोग के अधिकारियों पर इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग न केवल मानहानिकारक, अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण है बल्कि एक कलंक के समान है, जो आयोग की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है। खान सर ने आयोग के खिलाफ अभ्यर्थियों को उकसाने का काम किया। जो अनुचित और कानून  के खिलाफ है। इससे आयोग की प्रतिष्ठा को भारी ठेस पहुंची है। इसलिए  पंद्रह दिनों के अंदर वो आयोग एवं अधिकारियों से माफी मांगे।

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