बिहटा इंजीनियरिंग छात्रा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: सहपाठी ही निकला ‘कातिल प्रेमी’, मामूली विवाद ने ले ली जान

बिहटा (पटना)। राजधानी पटना के उपनगरीय इलाके और उभरते हुए एजुकेशनल हब बिहटा में इंजीनियरिंग की एक छात्रा की नृशंस हत्या ने पूरे छात्र समुदाय और स्थानीय नागरिकों को स्तब्ध कर दिया है। मंगलवार को बिहटा के राघोपुर स्थित मौआर कॉलोनी में किराए के कमरे में मिली छात्रा की लाश की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने बुधवार को एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस सहपाठी पर छात्रा सबसे अधिक भरोसा करती थी और जिसके साथ वह सुनहरे भविष्य के सपने बुन रही थी, वही उसका कातिल निकला। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि एक मामूली राजनैतिक या व्यक्तिगत विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि युवक ने अपनी ही प्रेमिका का गला घोंटकर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर महानगरों और शैक्षणिक केंद्रों में रह रहे छात्र-छात्राओं के बीच बढ़ते ‘रिलेशनशिप स्ट्रेस’ और आवेश में आकर किए जाने वाले अपराधों की ओर समाज का ध्यान खींचा है।

मौआर कॉलोनी की वह खौफनाक सुबह: जब कमरे में मिला शव

​इस दर्दनाक दास्तां की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब बिहटा के राघोपुर स्थित मौआर कॉलोनी के एक मकान में हड़कंप मच गया। यहाँ औरंगाबाद जिले की रहने वाली एक छात्रा, जो बिहटा स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से डिप्लोमा की पढ़ाई कर रही थी, अपने किराए के कमरे में मृत पाई गई। छात्रा का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा था और उसके गले पर निशान थे, जो पहली नजर में ही गला घोंटकर हत्या किए जाने की ओर इशारा कर रहे थे। छात्रा के माता-पिता औरंगाबाद में रहते हैं और उन्हें जब इस अनहोनी की सूचना मिली, तो वे बदहवास होकर बिहटा पहुँचे।

​पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कमरे को सील किया और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में ही पुलिस को यह आभास हो गया था कि इस वारदात में किसी करीबी का हाथ हो सकता है, क्योंकि कमरे में ‘फोर्स्ड एंट्री’ (जबरन प्रवेश) के निशान नहीं मिले थे। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल फोन और उसके कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) को खंगाला, जिससे जांच की सुई उसके एक सहपाठी की ओर घूमने लगी। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद हत्या की पूरी परतें एक-एक कर खुलती चली गईं।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी: बक्सर से जुड़े हैं तार

​पटना के सिटी एसपी पश्चिमी भानू प्रताप सिंह ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इस मामले का विस्तृत खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, हत्या का मुख्य आरोपी आथर्व श्रीवास्तव उर्फ राज है। आथर्व मूल रूप से बक्सर थाना क्षेत्र के वीर कुंवर कॉलोनी, चरित्रवन का रहने वाला है। वह और मृतक छात्रा दोनों एक ही निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में डिप्लोमा के छात्र थे।

​दोनों के बीच पिछले काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था और वे अक्सर एक-दूसरे से मिलते थे। आथर्व का छात्रा के किराए के कमरे पर आना-जाना था। सिटी एसपी ने बताया कि मंगलवार को भी आथर्व छात्रा के कमरे पर गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि उस दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि वह अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख सका और उसने गला दबाकर छात्रा की हत्या कर दी। हत्या के बाद वह कमरे का दरवाजा बंद कर वहां से फरार हो गया था।

मामूली विवाद और आवेश का अंत: क्या थी झगड़े की जड़?

​पुलिस की तफ्तीश में जो सबसे दुखद पहलू सामने आया है, वह है हत्या का कारण। सिटी एसपी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे का कारण कोई बहुत बड़ी रंजिश नहीं, बल्कि एक ‘मामूली विवाद’ था। हालांकि, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि वह विवाद वास्तव में क्या था। अक्सर देखा जाता है कि कम उम्र के जोड़ों के बीच आपसी संदेह, ईर्ष्या या किसी पुरानी बात को लेकर शुरू हुआ झगड़ा हिंसक रूप ले लेता है।

​आथर्व और छात्रा के बीच हुए उस आखिरी संवाद में कुछ ऐसी कड़वाहट घुली कि डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने अपराधी बनने का रास्ता चुन लिया। एक ओर जहाँ छात्रा औरंगाबाद से बड़े अरमान लेकर बिहटा आई थी कि वह इंजीनियरिंग कर अपने परिवार का नाम रोशन करेगी, वहीं आथर्व भी अपने करियर की दहलीज पर खड़ा था। लेकिन एक पल के गुस्से ने दो परिवारों को ताउम्र के लिए दुख के सागर में डुबो दिया। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या आरोपी का पहले से कोई आपराधिक इतिहास रहा है या उसने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।

दुष्कर्म की आशंका और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

​इस हत्याकांड में एक और गंभीर पहलू ‘दुष्कर्म’ का जुड़ा हुआ है। छात्रा का शव जिस स्थिति में मिला था और जिस तरह से हत्या की गई, उसे देखते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने दुष्कर्म की आशंका जताई है। इस संबंध में पूछे जाने पर सिटी एसपी पश्चिमी भानू प्रताप सिंह ने बहुत ही संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना हुई है या नहीं, इसका आधिकारिक और वैज्ञानिक खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड के जरिए कराया है और उसके ‘स्वैब’ व अन्य नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होती है, तो आरोपी के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी में पॉक्सो एक्ट (यदि लागू हो) या सामूहिक दुष्कर्म और अन्य कठोर धाराएं जोड़ी जाएंगी। फिलहाल, हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

बिहटा के छात्र क्षेत्रों में सुरक्षा और सामाजिक चिंता

​बिहटा पिछले एक दशक में बिहार के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरा है। यहाँ आईआईटी पटना, एनआईटी और कई निजी इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज हैं। इस वजह से यहाँ हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं दूसरे जिलों से आकर किराए के कमरों या हॉस्टलों में रहते हैं। इस हत्याकांड ने बाहरी जिलों से आने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

​अक्सर ये छात्र अपने निजी जीवन में क्या कर रहे हैं, इसकी खबर न तो उनके मकान मालिकों को होती है और न ही दूर बैठे अभिभावकों को। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आपसी संबंधों के प्रति भी जागरूक करना चाहिए। आथर्व जैसे युवा जो आवेश में आकर इतने बड़े अपराध कर रहे हैं, वे समाज के नैतिक पतन की भी गवाही देते हैं। बिहटा पुलिस ने मकान मालिकों को भी निर्देश दिया है कि वे किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।

औरंगाबाद में शोक की लहर: एक होनहार बेटी का दुखद अंत

​मृतक छात्रा औरंगाबाद जिले की रहने वाली थी। वह अपने माता-पिता की बहुत लाड़ली थी और उसकी पढ़ाई को लेकर परिवार काफी उत्साहित था। जैसे ही औरंगाबाद में उसकी मौत की खबर पहुँची, वहां गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि जिस बेटी को उन्होंने इंजीनियर बनाने के लिए बिहटा भेजा था, उसकी लाश इस तरह कमरे में मिलेगी।

​परिजनों ने आरोपी आथर्व श्रीवास्तव के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। उनका कहना है कि अगर कोई विवाद था भी, तो उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन हत्या करना किसी भी तरह माफी के काबिल नहीं है। औरंगाबाद के स्थानीय निवासियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता के लिए न्याय की मांग उठाई है। छात्रा के साथियों ने बताया कि वह पढ़ने में बहुत अच्छी थी और हमेशा अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर रहती थी। उसके इस तरह जाने से कॉलेज के अन्य छात्र भी डरे हुए हैं।

पुलिस की अगली कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

​आरोपी आथर्व श्रीवास्तव उर्फ राज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस मामले में साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) को मजबूत करने में जुटी है। आथर्व का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और उसके चैट्स व कॉल रिकॉर्ड्स की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि हत्या से पहले और बाद में उसने किससे बात की थी। पुलिस उन गवाहों के बयान भी दर्ज कर रही है जिन्होंने आथर्व को अंतिम बार छात्रा के कमरे के पास देखा था।

​भानू प्रताप सिंह ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले को ‘स्पीडी ट्रायल’ के तहत चलाया जाएगा ताकि पीड़िता के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। पुलिस की एक टीम बक्सर में आरोपी के घर की भी तलाशी ले रही है ताकि उसके व्यक्तित्व और व्यवहार के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके। बिहटा थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा गश्ती बढ़ा दी गई है और विशेष रूप से छात्र कॉलोनियों में पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। 16 अप्रैल की यह सुबह बिहटा के लिए एक सबक की तरह है, जहाँ शिक्षा के मंदिर के पास ही एक प्रेम कहानी का अंत इतना वीभत्स हुआ।

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