
पटना: कथित NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए ‘लोक भवन मार्च’ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया।
आइसा के बैनर तले निकाला गया मार्च
प्रदर्शन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। मार्च का नेतृत्व भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक एवं आइसा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ कर रहे थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राज्यपाल आवास की ओर बढ़ने से पहले गांधी मैदान के पास रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।
धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह के इस्तीफे की मांग
संदीप सौरभ ने कहा कि छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दमन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं
समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि प्रदर्शन के दौरान कितने लोगों को हिरासत में लिया गया।
जंतर-मंतर पर भी जारी है प्रदर्शन
इधर, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी संगठन का दावा है कि उनका आंदोलन दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है।
नोट: यह समाचार प्रदर्शनकारी संगठनों के बयानों और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। कथित NEET-UG पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


