बिहार में मौसम का बड़ा अलर्ट: 24 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, वज्रपात और खराब मौसम से 24 घंटे में 20 लोगों की मौत

पटना, 30 मई 2026। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को जहां बारिश और तेज हवाओं के कारण राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर खराब मौसम ने कई जिलों में भारी तबाही भी मचाई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की घटनाओं के बीच मौसम विभाग ने शनिवार के लिए 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश, मेघ गर्जन और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार राज्य के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां काफी सक्रिय हो गई हैं। इसी वजह से अगले कुछ घंटों और पूरे दिन मौसम अस्थिर बने रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

24 जिलों के लिए जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका शामिल हैं।

इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों, मजदूरों और खुले स्थानों पर कार्य करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भागलपुर और बांका जिले के लिए मौसम विभाग ने अपेक्षाकृत अधिक गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे जलजमाव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

24 घंटे में 20 लोगों की मौत से बढ़ी चिंता

मौसम के अचानक बदले स्वरूप ने राज्य में जनजीवन को प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान विभिन्न जिलों में वज्रपात और खराब मौसम से जुड़ी घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई। कई क्षेत्रों से पेड़ गिरने, बिजली के खंभे टूटने और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मौतें वज्रपात की घटनाओं में हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले इलाकों में मौजूद लोगों को इसका सबसे अधिक नुकसान हुआ है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी जिलों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ अलर्ट मोड पर रखा गया है।

प्री-मानसून गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बिहार में इस समय प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है।

शुक्रवार की सुबह से ही कई जिलों में आसमान में घने बादल छा गए थे। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में वज्रपात की घटनाएं भी दर्ज की गईं। पटना, नालंदा, सीवान, खगड़िया, गोपालगंज, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर और आसपास के कई जिलों में मौसम का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया।

मौसम विभाग का कहना है कि यह गतिविधियां मानसून के आगमन से पहले सामान्य रूप से देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार इनकी तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की जा रही है।

तापमान में आई बड़ी गिरावट, लोगों को मिली राहत

बारिश और तेज हवाओं का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था।

हालांकि बारिश के बाद तापमान में चार से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी पटना समेत अधिकांश जिलों में मौसम सुहावना हो गया है। सुबह और शाम के समय लोगों को गर्मी से काफी राहत महसूस हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ी वृद्धि होने की संभावना नहीं है। बादलों और नमी के कारण मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना रहेगा।

कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

खराब मौसम का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं रहा। राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कुछ स्थानों पर सड़क मार्ग भी बाधित हुआ, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीण इलाकों में कई किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ा है। हालांकि कृषि विभाग अभी नुकसान का आकलन कर रहा है।

शहरी क्षेत्रों में भी जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर सड़कें पानी से भर गईं, जिससे वाहन चालकों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।

पटना समेत कई जिलों में आज भी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने राजधानी पटना सहित कई जिलों में शनिवार को भी बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना जताई है। पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर मौसम बदलता रह सकता है।

कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी किनारे और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित भवनों के भीतर रहने की भी अपील की गई है।

अगले चार दिनों में फिर बढ़ सकती है गर्मी

हालांकि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण मौसम राहतभरा बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। यदि बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ती हैं तो अगले चार दिनों के दौरान तापमान फिर ऊपर जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के बिहार पहुंचने तक मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव जारी रह सकते हैं। कभी तेज बारिश तो कभी तेज धूप की स्थिति देखने को मिल सकती है।

फिलहाल मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। राज्य में जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अगले 24 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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