भागलपुर के मुरहन गांव में जिओ टावर में भीषण आग: शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटों में जले तकनीकी उपकरण, 10 गांवों की नेटवर्क सेवा प्रभावित

भागलपुर, 30 मई 2026। भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत मुरहन गांव में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जिओ मोबाइल टावर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने टावर परिसर के भीतर मौजूद कई तकनीकी उपकरणों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन टावर में लगे महत्वपूर्ण संचार उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है। आग की वजह से आसपास के करीब दस गांवों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा भी प्रभावित हो गई, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

टावर परिसर से उठने लगा धुआं, ग्रामीणों में मची हलचल

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह के समय टावर परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई सामान्य तकनीकी खराबी होगी, लेकिन कुछ ही देर में धुआं घने काले गुबार में बदल गया और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। इसके बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग तेजी से फैल रही थी और टावर परिसर के भीतर मौजूद उपकरण एक-एक कर उसकी चपेट में आते जा रहे थे। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी।

ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि कुछ समय तक टावर के पास पहुंचना भी मुश्किल हो गया था। इससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया क्योंकि वहां कई इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरण स्थापित थे।

एक घंटे तक चला आग बुझाने का प्रयास

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। आसपास उपलब्ध पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया गया। हालांकि पर्याप्त उपकरण और अग्निशमन संसाधनों की कमी के कारण आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक घंटे तक आग लगातार जलती रही। इस दौरान टावर परिसर के अंदर रखे कई महत्वपूर्ण उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। बाद में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया।

घटना के समय आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। सुरक्षा कारणों से लोगों को टावर से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि

स्थानीय निवासी रवि राज ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उनके अनुसार टावर परिसर में लगे विद्युत तंत्र में अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद आग भड़क गई होगी।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तकनीकी प्रतिष्ठान में आग लगने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। इसलिए विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग वास्तव में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी समस्या जिम्मेदार थी।

पुलिस और संबंधित एजेंसियां घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। तकनीकी टीम द्वारा उपकरणों की स्थिति का भी निरीक्षण किया जाएगा।

दो महत्वपूर्ण मशीनें पूरी तरह जलकर हुईं नष्ट

घटना के दौरान टावर परिसर में स्थापित कई महत्वपूर्ण मशीनें आग की चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार कम से कम दो प्रमुख तकनीकी यूनिट पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई हैं।

ये उपकरण मोबाइल नेटवर्क संचालन और इंटरनेट सेवा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आग लगने के बाद इनमें से अधिकांश मशीनें काम करने की स्थिति में नहीं बचीं। इससे टावर की कार्यक्षमता पर सीधा असर पड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे उपकरणों की मरम्मत या प्रतिस्थापन में समय लग सकता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा बहाल होने में कुछ समय लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

10 गांवों में मोबाइल और इंटरनेट सेवा बाधित

जिओ टावर में आग लगने का सबसे बड़ा असर संचार सेवाओं पर देखने को मिला। मुरहन स्थित इस टावर से जुड़े आसपास के करीब दस गांवों में नेटवर्क सेवा प्रभावित हो गई।

मोबाइल उपभोक्ताओं को कॉल करने और कॉल रिसीव करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं इंटरनेट सेवा भी बाधित हो गई, जिससे ऑनलाइन कार्य, डिजिटल भुगतान और अन्य इंटरनेट आधारित सेवाएं प्रभावित हुईं।

ग्रामीणों ने बताया कि नेटवर्क कमजोर होने के कारण कई लोगों को जरूरी बातचीत करने में भी परेशानी हुई। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट पूरी तरह बंद हो गया जबकि कुछ जगहों पर सिग्नल बेहद कमजोर हो गए।

आज के डिजिटल युग में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट लोगों की दैनिक जरूरत का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में टावर में आई तकनीकी खराबी का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ा।

कंपनी के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि आग लगने के काफी देर बाद तक जिओ कंपनी का कोई प्रतिनिधि या तकनीकी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

ग्रामीणों का कहना है कि आग की सूचना मिलने के बाद कंपनी को तुरंत तकनीकी टीम भेजनी चाहिए थी ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और नेटवर्क सेवा जल्द बहाल करने की दिशा में काम शुरू हो सके।

हालांकि इस संबंध में कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कर सेवाओं को सामान्य किया जाएगा।

पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी तथा आग बुझाने के प्रयासों में सहयोग किया।

स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझा दी गई है और अब क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। किसी प्रकार के जानमाल के बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है।

पुलिस द्वारा घटना से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है और तकनीकी कारणों की जांच भी की जाएगी।

संचार व्यवस्था बहाल करने की चुनौती

आग की घटना के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करना है। स्थानीय उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि कंपनी की तकनीकी टीम शीघ्र पहुंचकर क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत करेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि मुख्य उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए हैं तो नए उपकरण स्थापित करने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में सेवा बहाली में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है।

फिलहाल मुरहन और आसपास के गांवों के लोग नेटवर्क सेवा सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं प्रशासन और स्थानीय स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और महत्वपूर्ण संचार संरचनाओं की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत बनाई जा सके।

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