
पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां एक ओर राज्य के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू जैसे हालात लोगों को परेशान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने राहत भी दी है। इसी क्रम में सुपौल जिले में शनिवार शाम तेज बारिश के साथ ओले गिरने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला।
सुपौल में हुई इस ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया। दिनभर की उमस और तेज गर्मी के बाद जैसे ही शाम ढली, आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग घरों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हो गए।
इस अचानक बदले मौसम से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। खासकर गेहूं, मक्का और सब्जियों की खेती करने वाले किसान इस बदलाव से चिंतित हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार के कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक राज्य के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो बिहार के 23 जिलों में अभी भी लू जैसे हालात बने हुए हैं। रोहतास के डेहरी में सबसे अधिक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का उच्चतम तापमान माना जा रहा है। वहीं राजधानी पटना में लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में सुपौल, किशनगंज और अररिया जैसे जिलों में हुई बारिश ने थोड़ी राहत जरूर दी है।
मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
दूसरी ओर, उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मौसम ने करवट ली है। किशनगंज में सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मुजफ्फरपुर में बादल छाए रहे और तेज हवा चली, जबकि अररिया में ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी।
मौसम विभाग ने आगामी 26 अप्रैल के लिए 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्णिया और किशनगंज प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा सारण, सीवान, गोपालगंज और पश्चिम एवं पूर्वी चंपारण जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अप्रैल को पूरे बिहार में मौसम का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इस दौरान पटना, भागलपुर, गया, दरभंगा और अन्य जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, मौसम के इस बदलाव के साथ खतरे भी जुड़े हुए हैं। तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों में न रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।
बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका रहती है। सुपौल में हुई ओलावृष्टि के दौरान भी कई जगहों पर बिजली गुल होने की सूचना मिली थी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत है। जैसे-जैसे मई का महीना करीब आएगा, वैसे-वैसे इस तरह की आंधी और बारिश की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, बिहार में इस समय मौसम दो चरम स्थितियों के बीच झूल रहा है—एक ओर भीषण गर्मी और लू, तो दूसरी ओर अचानक बारिश और ओलावृष्टि। आने वाले दिनों में यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सतर्क रहें। थोड़ी सी सावधानी न केवल जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है, बल्कि इस बदलते मौसम के असर को भी कम कर सकती है।


