
पटना/कटिहार: बिहार कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। तारिक अनवर के हालिया बयान ने प्रदेश संगठन में जारी असंतोष और गुटबाजी की चर्चा को और तेज कर दिया है।
कटिहार में मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद तारिक अनवर ने साफ कहा कि बिहार कांग्रेस की मौजूदा स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन के भीतर कई गंभीर मुद्दे हैं, जिनकी जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दे दी गई है।
राष्ट्रीय नेतृत्व को दी गई जानकारी
तारिक अनवर ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखित रूप से सभी शिकायतों और समस्याओं से अवगत करा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल कई राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, और उनके परिणाम के बाद संगठन को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
“मैं पार्टी की अनुशासन समिति में हूं, इसलिए सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन जो भी मुद्दे हैं, उन्हें नेतृत्व के सामने रख दिया गया है।” — तारिक अनवर
लगातार विवादों में कटिहार कांग्रेस
पिछले कुछ समय से कटिहार कांग्रेस में विवाद लगातार सामने आ रहे हैं। कभी पूर्व विधायक डॉ. शकील अहमद द्वारा सांसद पर गंभीर आरोप लगाए गए, तो कभी मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह पर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे।
हाल ही में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कुमार यादव के इस्तीफे के बाद संगठन की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
टिकट बंटवारे और संगठन पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठे थे। जिला स्तर पर हस्तक्षेप और संगठन को कमजोर करने के आरोपों ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
प्रदेश नेतृत्व पर बढ़ता दबाव
तारिक अनवर के बयान को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व पर सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते हालात नहीं सुधारे गए, तो बिहार कांग्रेस को बड़ा सियासी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
आगे क्या?
फिलहाल, पार्टी के भीतर जारी खींचतान ने विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है। अब सभी की नजर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी है।


