
पटना, 20 मई 2026। बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग में नई नियुक्तियों के साथ विभागीय कार्यों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पटना स्थित सिंचाई भवन के सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री ने कुल 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें नवनियुक्त सहायक अभियंता, निम्नवर्गीय लिपिक और कार्यालय परिचारी शामिल हैं।
समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब वे जल संसाधन विभाग परिवार का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं और उन्हें पूरी ईमानदारी, निष्ठा तथा समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग का कार्य सीधे किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
कार्यक्रम का आयोजन सिंचाई भवन स्थित विभागीय सभागार में किया गया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभाग के कई उच्च अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार कुल 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें 6 सहायक अभियंता शामिल हैं, जिन्हें तकनीकी कार्यों और परियोजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा अनुकंपा के आधार पर 6 निम्नवर्गीय लिपिक और 3 कार्यालय परिचारियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान अभियंता प्रमुख ने सभी अधिकारियों और नवनियुक्त अभ्यर्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विभाग में नई ऊर्जा और नई सोच के साथ युवा कर्मियों का शामिल होना विभागीय कार्यों को गति देने में सहायक होगा।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि जल संसाधन विभाग बिहार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक है। राज्य की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और सिंचाई व्यवस्था किसानों की जीवनरेखा मानी जाती है। इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण और तटबंधों की सुरक्षा भी विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विभाग का अधिकांश कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में होता है, जहां आम लोगों और किसानों को सीधे सेवाएं दी जाती हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली का सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करें, तो विभाग की छवि और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब अधिकारी जमीन पर जाकर वास्तविक स्थिति को समझेंगे और समय पर समस्याओं का समाधान करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में बाढ़ और जल प्रबंधन हमेशा बड़ी चुनौती रहे हैं। ऐसे में जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए अभियंता आधुनिक तकनीक और सकारात्मक सोच के साथ विभागीय कार्यों को और बेहतर बनाएंगे।
अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह विभाग की संवेदनशीलता का प्रतीक है कि किसी कर्मचारी के निधन के बाद उसके आश्रितों को जल्द नौकरी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिलता है।
उप मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करने वाले विभागीय अधिकारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान हो।
कार्यक्रम के दौरान विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भी नवनियुक्त कर्मचारियों और अभियंताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभाग को उनसे उत्कृष्ट कार्य की उम्मीद है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में विभाग की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।
उन्होंने कहा that जल संसाधन विभाग लगातार नई तकनीकों और बेहतर कार्य प्रणाली को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में नए कर्मचारियों को भी आधुनिक कार्यशैली और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है।
समारोह में अभियंता प्रमुख , तकनीकी परामर्शी और संयुक्त सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे राज्य में जल संसाधन विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य हर वर्ष बाढ़ और जल प्रबंधन जैसी चुनौतियों का सामना करता है। ऐसे में विभाग में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर नई नियुक्तियां योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मददगार साबित हो सकती हैं।
विशेष रूप से सहायक अभियंताओं की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे फील्ड स्तर पर परियोजनाओं की निगरानी और तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं। सरकार की कोशिश है कि विभागीय परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए और किसानों को सिंचाई तथा बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
समारोह के अंत में नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने भी विभाग में सेवा करने का अवसर मिलने पर खुशी जताई। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे और विभाग की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। बिहार सरकार की इस पहल को विभागीय कार्यों को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


