
पटना, 20 मई 2026। बिहार की प्रशासनिक प्रणालियों, आर्थिक गलियारों और बुनियादी ढांचे को नया विन्यास देने के उद्देश्य से राजधानी पटना में बुधवार, 20 मई 2026 को शाम 5:00 बजे कैबिनेट प्रमुख की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक के दौरान विभिन्न प्रशासनिक विभागों द्वारा पटल पर रखे गए कुल 13 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पूरी कड़ाई और गहन विमर्श के उपरांत सर्वसम्मति से विधिक मंजूरी प्रदान की गई।
इन स्वीकृत संचिकाओं में वैश्विक हवाई संपर्कता के विस्तार, आंतरिक एवं सीमावर्ती सुरक्षा प्रणालियों के सुदृढीकरण, औद्योगिक निजी पूँजी निवेश को प्रोत्साहन देने सहित खेल और ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास से जुड़े कई बड़े वित्तीय और नीतिगत एजेंडे शामिल संधारित हैं। सरकार के ये निर्णय राज्य के विकास सूचकांक को प्रखर गति देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
नागरिक उड्डयन: गयाजी-बैंकॉक सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा को हरी झंडी, इंडिगो एयरलाइंस का चयन
अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर बिहार की कनेक्टिविटी को विस्तृत करने के उद्देश्य से सिविल विमानन विभाग के एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा स्वीकृति हस्तगत कराई गई है। इसके तहत गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के बीच गैर-स्टॉप सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा (Gayaji–Bangkok International Flight Route) के परिचालन को विधिक मंजूरी दी गई है। इस हवाई मार्ग पर उड़ानों के नियमित और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के वास्ते नामांकन के आधार पर देश की प्रमुख विमानन कंपनी मेसर्स इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) का चयन मुकम्मल किया गया है।
इसके अतिरिक्त, इस अंतरराष्ट्रीय रूट को आर्थिक रूप से व्यावहारिक और चालू बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ‘व्यवहार्यता अंतर निधि’ (Viability Gap Funding – VGF) के तहत एक बड़ी बजटीय राशि की प्रशासनिक व व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत अधिकतम 12 महीनों की समयावधि के लिए कुल ₹10,40,00,000 (दस करोड़ चालीस लाख रुपये) की संचयी राशि निर्गत करने की प्रशासनिक संचिका को मंजूरी मिली है। इस रणनीतिक कदम से बौद्ध सर्किट से जुड़े विदेशी पर्यटकों के आगमन की राह आसान होगी, जिससे क्षेत्रीय आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), परिवहन और स्थानीय व्यापार को एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच प्राप्त होगा।
गृह विभाग: सीमा सुरक्षा के लिए सृजित होगा ‘आईजी बॉर्डर’ का नया पद, एसटीएफ का हुआ विस्तार
राज्य की अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं की संप्रभुता व सुरक्षात्मक ग्रिड को पूरी कड़ाई से लॉक करने के उद्देश्य से गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के दो बड़े दूरगामी प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत किया गया है। बिहार की सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और खुफिया व आसूचना (Intelligence) तंत्र को आधुनिक एवं अधिक विकसित करने के लिए विशेष शाखा (Special Branch) के अंतर्गत ‘पुलिस महानिरीक्षक, बॉर्डर’ (IG, Border) के 1 (एक) नए प्रखर पद के सृजन को विधिक मंजूरी प्रदान की गई है। यह नया पद सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और अंतर-प्रांतीय सुरक्षा विचलनों पर सीधी कप्तानी निगरानी संधारित करेगा।
इसके साथ ही, वामपंथी उग्रवाद (LWE) के पूर्ण निरोध और उग्रवादी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के वास्ते विशेष कार्य बल (STF) के परिचालन ढांचे का विस्तार किया गया है। इसके तहत बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को विशेष रूप से सशक्त किया गया है कि वे विशिष्ट दक्षता, आसूचना संग्रहण कौशल और पूर्व काउंटर-इंसर्जेंसी अनुभव रखने वाले चिन्हित 50 दक्ष पुलिस कर्मियों को अधिकतम 15 वर्षों की लंबी अवधि तक एसटीएफ में उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए प्रतिनियुक्ति पर रखने की विधिक शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकें।
जल संसाधन विभाग: आईएमसी गयाजी जलाशय परियोजना के लिए ₹428.083 करोड़ की भारी राशि मंजूर
गयाजी प्रक्षेत्र के औद्योगिक और शहरी विन्यासों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग के एक बड़े बुनियादी अवसंरचना प्रस्ताव को वित्तीय मंजूरी दी गई है। गया जिले के डोभी प्रखंड (डोभी ब्लॉक) के अंतर्गत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक विशाल जलाशय और अन्य आवश्यक सहायक प्रणालियों के निर्माण को विधिक स्वीकृति मिली है।
इस वृहद और महत्वाकांक्षी परियोजना के व्यावहारिक क्रियान्वयन के लिए कैबिनेट द्वारा कुल ₹428.083 करोड़ की भारी-भरकम प्रशासनिक एवं व्यय राशि को विधिक मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से गयाजी के औद्योगिक क्लस्टर्स को विनिर्माण इकाइयों के संचालन हेतु निर्बाध जलापूर्ति हस्तगत होगी, जिससे क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना और स्थानीय युवाओं के रोजगार का मार्ग पूरी प्रखरता से प्रशस्त होगा।
पंचायती राज व वित्त विभाग: ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे के लिए ₹747.98 करोड़ की अग्रिम राशि की स्वीकृति
ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक चिकित्सा प्रणालियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने एक बहुत बड़ा बजटीय आवंटन मुकम्मल किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आलोक में ग्रामीण स्थानीय निकायों को भारत सरकार से मिलने वाली ‘हेल्थ सेक्टर ग्रांट’ (Health Sector Grant) मद की राशि को ससमय जारी करने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि (Bihar Contingency Fund) से कुल ₹7,47,97,64,000 (सात सौ सैंतालीस करोड़ संतानवे लाख चौंसठ हजार रुपये) की विशाल अग्रिम राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस आवंटन से पंचायतों के स्तर पर स्वास्थ्य उप-केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का आधुनिकीकरण लाइव मोड पर किया जा सकेगा।
इसी वित्तीय क्रम में, वित्त विभाग द्वारा स्थानीय निकायों के सुचारू वित्तीय संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया गया है। षष्ठम राज्य वित्त आयोग (6th State Finance Commission) की अनुशंसा अवधि के समाप्त होने और सप्तम आयोग की सिफारिशें प्रक्रियाधीन होने की अवस्थिति के बीच, स्थानीय निकायों के जन कल्याणकारी विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के अवरोध को पूरी तरह से ब्लॉक करने के लिए षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विस्तारित करने के प्रस्ताव को विधिक मंजूरी दी गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: तीन जिलों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम के लिए निःशुल्क भूमि हस्तांतरण
राज्य के युवाओं को खेल की वैश्विक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा तीन अलग-अलग जिलों में खेल विभाग को बहुमूल्य सरकारी भूमि अंतर-विभागीय रूप से स्थायी तौर पर निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है:
- अरवल जिला: करपी अंचल के मौजा-झिकटिया (थाना संख्या-227, खाता संख्या-61, खेसरा संख्या-51) में एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भवन के निर्माण के लिए 06.81 एकड़ गैरमजरूआ मालिक परती कदीम भूमि को खेल विभाग को हस्तांतरित किया गया है।
- औरंगाबाद जिला: देव अंचल के विभिन्न मौजा में बहुप्रतीक्षित ‘स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देव’ के निर्माण हेतु कुल 13.09 एकड़ भूमि खेल विभाग, बिहार को स्थायी रूप से सौंपने की मंजूरी दी गई है।
- सहरसा जिला: सलखुआ अंचल के मौजा-कबीरा (थाना संख्या-255, खाता संख्या-1025, खेसरा संख्या-522) में मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत एक विशाल आउटडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए 06.61 एकड़ अनावाद बिहार सरकार की भूमि खेल विभाग को विधिक रूप से स्थानांतरित की गई है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं उद्योग विभाग: ‘यंग प्रोफेशनल नीति-2026’ और औद्योगिक निवेश को क्लीयरेंस
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे और कार्यक्षमता में व्यापक स्तर पर गुणात्मक बदलाव किए गए हैं। बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पटना और उसके अधीन संचालित कार्यालयों के लिए पूर्व में स्वीकृत कुल 94 पदों में से 87 पदों को पूरी तरह से प्रत्यर्पित (सरेंडर) करने का कड़ा निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, सुचारू और आधुनिक कामकाज के लिए पदाधिकारियों और कर्मियों के कुल 53 नए अतिरिक्त पदों के सृजन को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, विभाग एवं उसके अधीनस्थ संस्थानों में तकनीकी व विशेषज्ञ सेवाओं की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘यंग प्रोफेशनल चयन नीति-2026’ के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।
दूसरी तरफ, राज्य के भीतर औद्योगिक विनिर्माण को प्रेरित करने के उद्देश्य से उद्योग विभाग के दो बड़े वित्तीय प्रोत्साहन प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद द्वारा विधिक क्लीयरेंस हस्तगत कराया गया है। इसके तहत नालंदा जिले के बेन अंचल के अंतर्गत अरावन में स्थापित होने वाली मेसर्स पटेल वेयरहाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड की औद्योगिक इकाई तथा कैमूर जिले के कुदरा में स्थापित होने वाली मेसर्स ई एस ई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की अनाज आधारित इथेनॉल परियोजना को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016 के नियम-7 के उप नियम (2)(iv) के तहत वित्तीय प्रोत्साहन ग्रिड क्लीयरेंस की विधिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
कैबिनेट के मुख्य निर्णय और वित्तीय आवंटन: एक नजर में
विभाग का नाम | योजना / परियोजना का मुख्य विवरण | स्वीकृत वित्तीय राशि / भूमि का विन्यास | प्रत्यक्ष प्रभाव और उद्देश्य |
|---|---|---|---|
सिविल विमानन विभाग | गयाजी-बैंकॉक सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा | ₹10.40 करोड़ (VGF – अधिकतम 12 माह) | अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा |
जल संसाधन विभाग | आईएमसी गयाजी जलाशय परियोजना (डोभी) | ₹428.083 करोड़ (प्रशासनिक स्वीकृति) | औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्बाध जलापूर्ति व्यवस्था |
पंचायती राज विभाग | ग्रामीण स्थानीय निकाय (Health Sector Grant) | ₹7,47,97,64,000/- (बिहार आकस्मिकता निधि) | ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण |
गृह विभाग (आरक्षी) | विशेष शाखा के तहत ‘आईजी बॉर्डर’ पद सृजन | 01 नया पद (Inspector General, Border) | अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमा सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करना |
राजस्व एवं भूमि सुधार | स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (अरवल एवं औरंगाबाद) | क्रमशः 06.81 एकड़ और 13.09 एकड़ भूमि | खेल के बुनियादी ढांचे और भवनों का निर्माण |
राजस्व एवं भूमि सुधार | आउटडोर स्टेडियम (सलखुआ, सहरसा) | 06.61 एकड़ अनावाद सरकारी भूमि | मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत स्टेडियम निर्माण |
विज्ञान एवं प्रावैधिकी | पदों का पुनर्गठन एवं नई चयन नीति | 87 पद प्रत्यर्पित, 53 नए सृजित पद | यंग प्रोफेशनल नीति-2026 के तहत विशेषज्ञ सेवाओं की आपूर्ति |
वित्त विभाग | षष्ठम राज्य वित्त आयोग (6th SFC) | अनुशंसा अवधि का वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु विस्तार | स्थानीय निकायों को अनुदान राशि का सुचारू हस्तांतरण |


