
पटना, 2 मई। बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने और कृषि आधारित उद्योगों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई चीनी मिलों की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। गन्ना उद्योग विभाग ने उन जिलाधिकारियों को पुनः रिमाइंडर भेजा है, जिन्होंने अब तक चीनी मिलों के लिए भूमि चयन से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी लंबित प्रस्ताव जल्द से जल्द भेजे जाएं, ताकि परियोजनाओं पर समयबद्ध तरीके से काम शुरू किया जा सके।
सात निश्चय-3 के तहत बड़ा फैसला
राज्य सरकार ने “सात निश्चय-3” योजना के अंतर्गत बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया है। यह कदम न केवल राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों, खासकर गन्ना उत्पादकों के लिए भी नए अवसर पैदा करेगा।
इस योजना के तहत चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव कर रहे हैं। समिति का कार्य पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।
भूमि चयन में देरी पर सख्ती
गन्ना उद्योग विभाग ने बताया कि 25 जिलों के जिलाधिकारियों को पहले ही नई चीनी मिलों के लिए भूमि चयन करने का निर्देश दिया गया था। प्रत्येक चीनी मिल के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है।
हालांकि, कुछ जिलों ने समय पर भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेज दिया है, वहीं कई जिलों से अभी तक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को दोबारा पत्र भेजा है और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
विभाग के अधिकारियों का मानना है कि भूमि चयन में देरी होने से पूरे प्रोजेक्ट की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है। इसलिए अब इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
नई चीनी मिलों की स्थापना से सबसे बड़ा फायदा गन्ना किसानों को होगा। अभी कई क्षेत्रों में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ते हैं।
नई मिलों के शुरू होने से किसानों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी। साथ ही, गन्ना उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
चीनी मिलों की स्थापना केवल कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। एक चीनी मिल के संचालन में सैकड़ों प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं।
इसके अलावा, इससे आसपास के क्षेत्रों में सहायक उद्योगों का भी विकास होगा, जैसे ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, मशीनरी मरम्मत आदि। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी।
बंद मिलों के पुनर्जीवन पर भी जोर
राज्य सरकार का ध्यान केवल नई मिलों की स्थापना पर ही नहीं, बल्कि पहले से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने पर भी है। कई मिलें वर्षों से बंद पड़ी हैं, जिससे न केवल किसानों को नुकसान हुआ है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
सरकार इन मिलों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ पुनः चालू करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि वे प्रतिस्पर्धात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
निवेश और बुनियादी ढांचे में सुधार
नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए राज्य में निवेश को आकर्षित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
साथ ही, सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर तेज हुई गतिविधियां
रिमाइंडर जारी होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी भूमि चयन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुट गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकांश जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हो जाने की उम्मीद है, जिसके बाद परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना का यह अभियान राज्य के औद्योगिक और कृषि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि यह योजना समय पर पूरी होती है, तो इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य में रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जिलों से भूमि चयन के प्रस्ताव कितनी जल्दी आते हैं और सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को किस गति से आगे बढ़ाती है।


