खगड़िया में आकाशीय बिजली का कहर: एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता-पुत्र समेत तीन की दर्दनाक मौत

खगड़िया। बिहार में मानसून पूर्व मौसम के बीच आकाशीय बिजली एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। खगड़िया जिले में गुरुवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। वज्रपात की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पिता, पुत्र और परिवार का एक अन्य सदस्य शामिल हैं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह दुखद घटना खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत पौरा थाना क्षेत्र के कन्हौली गांव में हुई। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे अचानक मौसम बदला और आसमान में तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने लगी। इसी दौरान दुखहरण बाबा स्थान के समीप मौजूद कुछ लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी भयावह थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार हादसे के समय गांव के कुछ लोग एक पेड़ के नीचे बनी झोपड़ी में मौजूद थे। मौसम खराब होने के कारण वे बारिश और तेज धूप से बचने के लिए वहां रुके हुए थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी और झोपड़ी के आसपास मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। बिजली गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान कन्हौली गांव निवासी 55 वर्षीय विद्यानंद यादव, 32 वर्षीय आशुतोष यादव और आशुतोष यादव के 10 वर्षीय पुत्र अंकेश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों आपस में एक ही परिवार से जुड़े थे। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह तक सब कुछ सामान्य था। परिवार के सदस्य अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा, जो पूरे परिवार को तबाह कर देगा। अचानक हुई इस घटना ने गांव के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पौरा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वज्रपात की सूचना मिलने के बाद पुलिस को तत्काल मौके पर भेजा गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।

हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवार से संपर्क कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। सरकारी नियमों के अनुसार प्राकृतिक आपदा में मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ित परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक विद्यानंद यादव गांव के सम्मानित और मिलनसार व्यक्तियों में गिने जाते थे। वहीं आशुतोष यादव अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे और मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते थे। दस वर्षीय अंकेश कुमार की मौत ने पूरे गांव को सबसे अधिक झकझोर दिया है। मासूम बच्चे की असमय मौत की खबर सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

घटना के बाद मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य बार-बार यही कह रहे हैं कि कुछ मिनट पहले तक सब कुछ ठीक था, लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया। गांव की महिलाएं और बुजुर्ग भी इस दर्दनाक घटना से गहरे सदमे में हैं।

बिहार में हर वर्ष मानसून और प्री-मानसून सीजन के दौरान आकाशीय बिजली से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता है। इसके बावजूद कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में लोग मौसम खराब होने पर पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों में शरण ले लेते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

आपदा प्रबंधन विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना होने पर लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित भवन के अंदर शरण लेना सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। पेड़ों के नीचे खड़ा होना या झोपड़ियों में छिपना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।

मौसम विभाग भी लगातार चेतावनी जारी कर रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में सतर्क रहें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

कन्हौली गांव में हुए इस हादसे ने एक बार फिर आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों के खतरे को सामने ला दिया है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत ने न केवल उनके परिजनों बल्कि पूरे गांव को गहरे दुख में डुबो दिया है। यह हादसा आने वाले समय में लोगों के लिए सतर्क रहने की एक बड़ी चेतावनी भी बनकर सामने आया है।

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