
पटना। बिहार ने औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 फ्रेमवर्क में बिहार को “High Performers” श्रेणी में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि राज्य के औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल माहौल और Ease of Doing Business में लगातार हो रहे सुधारों का परिणाम मानी जा रही है।
अब तक “Fast Mover” श्रेणी में शामिल बिहार ने इस बार बड़ी छलांग लगाते हुए “High Performers” कैटेगरी में जगह बनाई है। इसे राज्य की प्रशासनिक क्षमता, नीतिगत सुधारों और औद्योगिक विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि यह केवल एक रैंकिंग सुधार नहीं बल्कि बिहार के बदलते औद्योगिक माहौल और भविष्य उन्मुख विकास मॉडल का संकेत है।
LEADS यानी “Logistics Ease Across Different States” केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके जरिए राज्यों में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, औद्योगिक कनेक्टिविटी, व्यापार सुगमता और बुनियादी ढांचे का मूल्यांकन किया जाता है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सुधार को प्रोत्साहित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी राज्य का LEADS रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि संबंधित राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने के लिए बेहतर माहौल मौजूद है। बिहार का “High Performers” श्रेणी में पहुंचना इसी दिशा में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सरकार ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में किए जा रहे विकास कार्यों को दिया है। सरकार का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगिक नीतियों, सड़क और परिवहन नेटवर्क, वेयरहाउसिंग, निवेश प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष फोकस किया गया है।
उद्योग विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार सरकार राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स और उद्योग क्षेत्र में व्यापक सुधारों के कारण अब बिहार की छवि तेजी से बदल रही है। निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल उद्योग स्थापित करना नहीं बल्कि ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है जहां निवेशकों को बेहतर सुविधाएं, तेज प्रक्रिया और सुरक्षित कारोबारी माहौल मिल सके। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिहार की बढ़ती क्षमता और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आईडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने भी इस उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार लॉजिस्टिक्स अवसंरचना, औद्योगिक कनेक्टिविटी और निवेश सुविधा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों के लिए भूमि उपलब्धता, सड़क संपर्क, औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और डिजिटल प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके अलावा Ease of Doing Business को बेहतर बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जिससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी और बेहतर प्रशासनिक सहयोग मिल रहा है।
राज्य सरकार का दावा है कि बिहार अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी उद्देश्य से राज्य में औद्योगिक गलियारों, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और परिवहन नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की भौगोलिक स्थिति उसे पूर्वी भारत के बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित होने का अवसर देती है। राज्य उत्तर और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यदि सड़क, रेल और जल परिवहन नेटवर्क को और मजबूत किया जाए तो बिहार निवेश और व्यापार के लिए प्रमुख केंद्र बन सकता है।
हाल के वर्षों में बिहार में कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। सड़क निर्माण, एक्सप्रेसवे, पुल, औद्योगिक क्षेत्र और परिवहन सुविधाओं के विस्तार ने राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत किया है। इसके अलावा डिजिटल प्रशासन और ऑनलाइन अनुमोदन प्रणाली ने कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया है।
राज्य सरकार “विकसित बिहार” के विजन के तहत उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है। सरकार का फोकस रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर भी है। माना जा रहा है कि LEADS 2025 में मिली यह सफलता भविष्य में राज्य में नए निवेश आकर्षित करने में मददगार साबित हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बिहार को अभी लंबा रास्ता तय करना है। राज्य में औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए बिजली, कौशल विकास, आधुनिक वेयरहाउसिंग और निजी निवेश को और मजबूत करने की जरूरत होगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और सप्लाई चेन को अधिक कुशल बनाने पर भी काम करना होगा।
फिलहाल बिहार सरकार इस उपलब्धि को राज्य के औद्योगिक विकास के लिए बड़ी उपलब्धि मान रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले वर्षों में राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों में शामिल करने के लिए और तेज गति से काम किया जाएगा। LEADS 2025 में “High Performers” श्रेणी में शामिल होना बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।


