भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज, DM-SSP ने किया सुल्तानगंज मेला क्षेत्र का निरीक्षण; सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर भागलपुर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने शनिवार को सुल्तानगंज स्थित मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नमामि गंगे घाट समेत विभिन्न प्रमुख स्थलों का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष श्रावणी मेला में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मेला क्षेत्र में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी विभागों को अभी से सक्रिय कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने घाटों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी बुनियादी सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। घाटों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं के सुरक्षित स्नान और जल भरने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि मेला क्षेत्र तक जाने वाले सभी रास्तों को खुला और व्यवस्थित रखा जाएगा। सड़क पर अतिक्रमण या दुकानों का सामान फैलाकर रखने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन द्वारा सड़कों की मार्किंग कराई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही में किसी तरह की बाधा न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार स्विस कॉटेज की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवासन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अलावा होटल, धर्मशाला और लॉज का पंजीकरण कराया जा रहा है और वहां उपलब्ध सुविधाओं तथा स्वच्छता की जांच भी की जा रही है।

जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी कई निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पूजा सामग्री, कांवड़ सामग्री, खाद्य वस्तुओं और अन्य जरूरी सामानों की दुकानों पर दर सूची लगाना अनिवार्य होगा। होटल और भोजनालय संचालकों को भी खाद्य सामग्री में इस्तेमाल होने वाले ब्रांड की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी ताकि श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन मिल सके।

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रशासन इस बार विशेष रूप से गंभीर नजर आ रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी दुकानों और होटलों में डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। साथ ही हर तीन घंटे पर कचरे का उठाव सुनिश्चित किया जाएगा। नगर परिषद और सफाई एजेंसियों को नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन आम लोगों और स्थानीय नागरिकों से भी सुझाव लेने की तैयारी कर रहा है ताकि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता पर विशेष फोकस रहेगा।

पेयजल व्यवस्था को लेकर पीएचईडी विभाग को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सभी चापाकलों, पानी टंकियों और पेयजल स्रोतों की जांच जल्द पूरी की जाए। जहां जरूरत हो वहां मरम्मत और नए इंतजाम भी किए जाएं।

श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों के मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाए रखने के लिए दुकानदारों को सड़क छोड़कर दुकान लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में राहत कार्यों के लिए रास्तों का खाली रहना बेहद जरूरी है।

मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यापक तैयारी की जा रही है। नमामि गंगे घाट और सीढ़ी घाट पर एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा मेडिकल टीम, प्राथमिक उपचार केंद्र और आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय रखा जाएगा।

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा अतिरिक्त पेट्रोलिंग, अस्थायी थाना, पुलिस सहायता केंद्र और नदी पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

एसएसपी ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि ड्यूटी में लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। पुलिस प्रशासन मेला क्षेत्र में हर गतिविधि पर नजर रखेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमों को तैयार रखा जाएगा।

मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। पुलिस प्रशासन और नगर परिषद संयुक्त रूप से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

श्रावणी मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। हर वर्ष लाखों कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा करते हैं। इस दौरान सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे प्रशासन के सामने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी चुनौती होती है।

इस बार प्रशासन पहले से ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर समय पर तैयारियां पूरी की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सिटी एसपी शैलेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता राकेश रंजन, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुल्तानगंज समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

  • ये भी पढ़े..

    वैशाली में जमीन विवाद ने लिया खूनी मोड़! फायरिंग में महिला को लगी गोली, तीन लोग घायल

    Share Add as a preferred…

    JDU की सबसे बड़ी बैठक 21 जून को: राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे नीतीश, क्या निशांत कुमार को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?

    Share Add as a preferred…