
बिहार सरकार में उद्योग विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही मंत्री श्रेयसी सिंह ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने का संकेत दिया है। शुक्रवार को पटना स्थित उद्योग विभाग कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि बिहार को निवेश और उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
उद्योग विभाग पहुंचने पर विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने पुष्पगुच्छ देकर मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद श्रेयसी सिंह ने औपचारिक रूप से उद्योग मंत्री का पदभार संभाला और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान विभागीय सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में चल रही औद्योगिक योजनाओं, निवेश परियोजनाओं, औद्योगिक आधारभूत संरचना और निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान बिहार में उद्योगों की वर्तमान स्थिति, निवेश आकर्षित करने की रणनीति और रोजगार सृजन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया।
पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में उद्योग मंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में इसमें तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा उद्योग समर्थ वातावरण तैयार करना है जहां निवेशकों को पारदर्शी और सुगम व्यवस्था मिल सके। इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं को और सरल और प्रभावी बनाया जाएगा।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में रोजगार सृजन सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उद्योगों के विस्तार और नए निवेश के जरिए युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल बड़े उद्योग ही नहीं, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकें।
मंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक संभावनाएं काफी व्यापक हैं। कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र में राज्य के पास काफी अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, तेज प्रशासनिक सेवाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
बैठक के दौरान औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों, भूमि उपलब्धता, बिजली आपूर्ति और लॉजिस्टिक सुविधाओं को लेकर जानकारी साझा की।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि उद्योग विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी और जटिल प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों से संबंधित सभी सेवाओं को त्वरित और आसान बनाया जाए। निवेशकों को समय पर स्वीकृतियां और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार लंबे समय से औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पिछड़ा माना जाता रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए गए हैं।
अब नई सरकार में उद्योग विभाग की नई नेतृत्व टीम से उम्मीद की जा रही है कि वह राज्य में निवेश के माहौल को और बेहतर बनाएगी।
राजनीतिक और आर्थिक जानकारों का कहना है कि बिहार में बड़ी युवा आबादी मौजूद है, लेकिन रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में उद्योगों का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि सरकार केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि उद्योगों को संचालन के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तेज तंत्र विकसित किया जाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के साथ स्थानीय उद्यमियों को भी बढ़ावा दिया जाए। सरकार चाहती है कि बिहार के युवा खुद उद्यमी बनें और नए व्यवसाय स्थापित करें।
मंत्री ने कहा कि महिलाओं और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए विशेष योजनाओं पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बिहार में उद्योग और निवेश को लेकर स्थिर और पारदर्शी माहौल तैयार होता है तो राज्य में रोजगार और आर्थिक विकास की गति तेज हो सकती है।
पदभार ग्रहण समारोह के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मंत्री को राज्य में चल रही विभिन्न निवेश परियोजनाओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री ने सभी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य से जुड़ा मिशन है।
फिलहाल उद्योग विभाग में नई रणनीति और तेज कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करने को लेकर मंत्री के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में बिहार में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में क्या नए कदम उठाए जाते हैं और क्या राज्य वास्तव में उद्योगों के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य बन पाता है या नहीं।


