
पटना: बिहार सरकार ने परिवहन विभाग में कार्यरत चलंत दस्ता (मोबाइल स्क्वॉड) सिपाहियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें प्रतिमाह 3,000 रुपये राशन मनी भत्ता देने का फैसला किया है। परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि उनके मासिक वेतन के साथ दी जाएगी। सरकार का मानना है कि दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार ड्यूटी करने वाले सिपाहियों को भोजन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है।
हाईवे से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक रहती है तैनाती
चलंत दस्ता सिपाहियों की तैनाती राज्य के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा सीमावर्ती इलाकों में की जाती है। इनकी जिम्मेदारी ओवरलोडिंग रोकने, अवैध वाहन परिचालन पर निगरानी रखने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की होती है।
विभाग ने माना है कि कई बार इन कर्मियों को रात में ऐसे स्थानों पर ड्यूटी करनी पड़ती है, जहां भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। इसी को ध्यान में रखते हुए 3,000 रुपये प्रतिमाह राशन मनी भत्ता देने का निर्णय लिया गया है।
किन्हें नहीं मिलेगा यह लाभ?
विभागीय आदेश के अनुसार यदि कोई चलंत दस्ता सिपाही लगातार 30 दिनों से अधिक समय तक अवकाश, प्रशिक्षण या आधिकारिक भ्रमण पर रहता है, तो उस अवधि के लिए उसे राशन मनी भत्ता नहीं दिया जाएगा। यह सुविधा केवल सक्रिय फील्ड ड्यूटी करने वाले कर्मियों को ही मिलेगी।
नियम तोड़ने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई
इधर परिवहन विभाग ने राज्यभर में परमिट नियमों का उल्लंघन कर रही बसों के खिलाफ भी बड़ा अभियान शुरू किया है। विभागीय जांच में लगभग 60 बसें नियमों के विपरीत संचालित होती पाई गई हैं। इसके बाद संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारियों को जुर्माना लगाने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
इन जिलों की बसें सबसे ज्यादा रडार पर
परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 12 बसें औरंगाबाद जिले की चिन्हित की गई हैं। इसके अलावा गया की 11, नवादा की 7, पटना और मुजफ्फरपुर की 4-4 बसों पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
लखीसराय, नालंदा और जमुई की 3-3 बसों को भी नियम उल्लंघन के मामलों में नोटिस जारी किया गया है। अन्य जिलों की कई बसें भी जांच के दायरे में हैं।
सड़क सुरक्षा और व्यवस्था सुधारने पर जोर
परिवहन विभाग का कहना है कि सरकार एक तरफ फील्ड में काम करने वाले कर्मियों को बेहतर सुविधाएं देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर नियम तोड़ने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
विभाग का लक्ष्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, ओवरलोडिंग पर रोक लगाना और यात्रियों को सुरक्षित एवं नियमबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।


