बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: किसानों को मिलेगा PM फसल बीमा का लाभ, राज्य फसल सहायता योजना खत्म; भूमि मापी शुल्क भी दोगुना

पटना: बिहार सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही लंबे समय से संचालित बिहार राज्य फसल सहायता योजना को समाप्त कर दिया गया है।

सरकार के अनुसार, रबी सीजन 2026-27 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पूरे बिहार में लागू होगी। इस योजना के तहत किसानों को बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान पर बीमा सुरक्षा मिलेगी।

किसानों को क्या मिलेगा लाभ?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बीमित भूमि की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। किसान अपनी पूरी कृषि भूमि का बीमा करा सकेंगे। इसके अलावा बुआई से लेकर कटाई के बाद तक फसल को होने वाले नुकसान को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।

कितना देना होगा प्रीमियम?

योजना के तहत किसानों को बेहद कम प्रीमियम देना होगा—

  • खरीफ फसलों के लिए: 1.5%
  • रबी फसलों के लिए: 2%
  • फल एवं सब्जी जैसी बागवानी फसलों के लिए: 5%

शेष प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से करेंगी। योजना पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और केवल इच्छुक किसान ही इसमें शामिल हो सकेंगे।

आधुनिक तकनीक से होगा नुकसान का आकलन

फसल क्षति और उपज का मूल्यांकन अब आधुनिक तकनीकों की मदद से किया जाएगा। सैटेलाइट इमेज, डिजिटल सर्वे और अन्य तकनीकी साधनों के जरिए नुकसान का आकलन होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर मुआवजा मिल सकेगा।

भूमि मापी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

कैबिनेट ने भूमि मापी शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मापी शुल्क लगभग दोगुना कर दिया गया है।

नई शुल्क दरें

शहरी क्षेत्र (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत)

  • सामान्य मापी: प्रति खेसरा ₹2000, अधिकतम ₹8000
  • तत्काल मापी: प्रति खेसरा ₹4000, अधिकतम ₹16000

ग्रामीण क्षेत्र

  • सामान्य मापी: प्रति खेसरा ₹1000, अधिकतम ₹4000
  • तत्काल मापी: प्रति खेसरा ₹2000, अधिकतम ₹8000

सरकार का कहना है कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इससे भूमि मापी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सकेगा।

किसानों के लिए राहत, जमीन मालिकों पर बढ़ा बोझ

कैबिनेट के फैसले को कृषि क्षेत्र के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। जहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, वहीं भूमि मापी शुल्क में वृद्धि का असर जमीन संबंधी कार्य कराने वाले लोगों पर पड़ सकता है।

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