जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल गरमाता जा रहा है, वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर गलत सूचना, फेक न्यूज और आचार संहिता उल्लंघन की निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की सोशल मीडिया पेट्रोलिंग सेल लगातार 24 घंटे सक्रिय है और अब तक कई बड़े एक्शन लिए जा चुके हैं।
अब तक 25 राजनीतिक हैंडल्स पर कार्रवाई, 21 एफआईआर दर्ज
ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान और डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने प्रेस वार्ता में बताया कि चुनाव अधिसूचना लागू होने के बाद से अब तक राजद, भाजपा, कांग्रेस सहित कुल 25 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है।
इन अकाउंट्स पर भ्रामक, भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट डालने का आरोप है।
अब तक 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं और इन मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, आईटी एक्ट और आचार संहिता उल्लंघन की धाराएं लगाई गई हैं।
67 लिंक पर कार्रवाई, 184 पोस्ट हटाए गए
डीआईजी ढिल्लन ने बताया कि अब तक 67 आपत्तिजनक लिंक की पहचान कर कार्रवाई की गई है।
ये लिंक एक्स (पूर्व ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े थे।
इन प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजकर 184 आपत्तिजनक पोस्ट या अकाउंट्स को हटवाया गया या लॉक कराया गया है।
म्यूल बैंक खातों की भी निगरानी
EOU ने चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 199 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच की है।
इन खातों का उपयोग चुनावी लेन-देन या प्रचार से जुड़ी अवैध गतिविधियों में होने की आशंका थी।
EOU ने इन खातों से जुड़ी जानकारियां अन्य जांच एजेंसियों के साथ साझा कर दी हैं ताकि काले धन और फर्जी ट्रांजेक्शनों पर रोक लगाई जा सके।
फेक न्यूज पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की फेक न्यूज, अफवाह या भड़काऊ टिप्पणी को लेकर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है।
जो भी व्यक्ति या संगठन इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
EOU ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को भ्रामक या संदिग्ध पोस्ट दिखे तो उसकी जानकारी तुरंत सोशल मीडिया पेट्रोलिंग सेल को दें ताकि चुनावी माहौल शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे।


