
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने रविवार को बोधगया स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बड़ा बयान दिया।
मान्यता प्राप्त दल का दर्जा लक्ष्य
- मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी का इस बार का मुख्य लक्ष्य मान्यता प्राप्त दल का दर्जा हासिल करना है।
- उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी को बने 10 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक यह सिर्फ एक निबंधित पार्टी है, जो हमारे लिए अपमानजनक है।”
- मान्यता पाने के लिए पार्टी को कम से कम 8 सीटें जीतनी होंगी और 6% वोट शेयर हासिल करना होगा।
सीटों की मांग और चेतावनी
- इसके लिए मांझी ने एनडीए से 15 सीटों की मांग की है।
- उन्होंने साफ कहा, “सभी सीटों पर जीत संभव नहीं होती, इसलिए व्यावहारिक रूप से हमें इतनी सीटें चाहिए।”
- चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “यदि सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं, तो हम 100 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे और अकेले चुनाव लड़ेंगे।”
वोट शेयर और पार्टी की ताकत
- मांझी ने दावा किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10–15 हजार वोटर उनके पक्ष में हैं।
- यह संख्या उन्हें 6% वोट शेयर के लक्ष्य तक पहुंचा सकती है।
- उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की खासियत है कि “हम बिना पैसे खर्च किए भीड़ जुटा सकते हैं, जबकि अन्य दलों को इसके लिए धन खर्च करना पड़ता है।”
एनडीए के लिए संदेश
- मांझी ने विश्वास जताया कि एनडीए नेतृत्व सीट बंटवारे में जमीनी हकीकत को समझेगा।
- उनका यह बयान साफ करता है कि वे इस बार चुनाव को लेकर पूरी तरह रणनीतिक, आक्रामक और आत्मनिर्भर रुख अपना रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या एनडीए मांझी की मांगों को गंभीरता से लेगा, या फिर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा बिहार चुनाव 2025 में अकेले मैदान में उतरेगा।



