
पटना: बिहार सरकार की 1 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, उद्योग, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से रोजगार सृजन, निवेश और जनसुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ
कैबिनेट ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इससे विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
पटना नगर निगम जारी करेगा 200 करोड़ का बॉण्ड
शहरी विकास को गति देने के लिए पटना नगर निगम को 200 करोड़ रुपये तक का बॉण्ड जारी करने की अनुमति दी गई है। यह राशि सड़क, जलनिकासी और अन्य शहरी सुविधाओं पर खर्च होगी।
पंचायतों को मिलेगा बड़ा फंड
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर पंचायतों को विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी।
उद्योग क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा
राज्य में औद्योगिक विकास के लिए करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक के वित्तीय सहयोग का रास्ता साफ हुआ है। इससे नए उद्योग लगने और रोजगार बढ़ने की संभावना है।
किसानों के लिए मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी गई। इसका लाभ गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के रूप में मिलेगा।
सड़क और पुल परियोजनाओं को मिली मंजूरी
पथ निर्माण विभाग की कई सड़क, पुल और रोड सेफ्टी परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। साथ ही टोल सिस्टम को अधिक डिजिटल और आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि हस्तांतरण
गया, पूर्णिया, नवादा, मधुबनी और रोहतास सहित कई जिलों में केंद्रीय विद्यालय निर्माण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया।
नई विज्ञापन नीति 2026 लागू
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की नई विज्ञापन नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं के प्रचार को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
बिहार कैबिनेट के ये फैसले राज्य के आर्थिक विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर जमीन पर देखने को मिल सकता है।


