बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: एयरपोर्ट, रोपवे, AI सेंटर, पंचायत, पर्यटन और शहरी विकास समेत कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

पटना: बिहार सरकार की 15 जुलाई 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, पर्यटन, शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, शहरी सुविधाओं, परिवहन, जेल प्रशासन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों का उद्देश्य राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देना, नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। कई योजनाओं के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई, जिससे आने वाले वर्षों में विभिन्न जिलों में विकास कार्यों को तेजी मिलने की उम्मीद है।

बैठक में सबसे अहम निर्णयों में भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति शामिल रही। इस परियोजना के लिए भागलपुर और मुंगेर जिलों में हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी, जिस पर हजारों करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट बनने से पूर्वी बिहार में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा राजगीर, रोहतास और कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास को लेकर भी आवश्यक समझौते को मंजूरी प्रदान की गई है।

कैबिनेट ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी। इस कंपनी के माध्यम से धार्मिक, प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक रोपवे सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही बिहार पर्यटन सेवा नियमावली 2026 तथा बिहार पर्यटन अवर सेवा संवर्ग नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी गई, जिससे पर्यटन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

तकनीकी क्षेत्र में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी है। यह संस्थान कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शोध, नवाचार, प्रशिक्षण और तकनीकी समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार की योजना है कि राज्य के युवाओं को नई तकनीकों से जोड़कर रोजगार और स्टार्टअप के अवसर बढ़ाए जाएं।

शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी। अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत हाजीपुर, खगड़िया, सीतामढ़ी और समस्तीपुर में सीवरेज तथा जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को बेहतर पेयजल और आधुनिक सीवरेज प्रणाली का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए बिहार 2026 नीति को भी मंजूरी दी गई है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

पंचायती राज व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बिहार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली 2026 को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के गठन एवं परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों की प्रशासनिक संरचना अधिक संतुलित और प्रभावी बनेगी।

कैबिनेट ने जेल प्रशासन से जुड़े भी दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए। राज्य की जेलों में अनुबंध पर कार्यरत पूर्व सैनिक सह कक्षपालों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा जेलों में मृत बंदियों के कानूनी आश्रितों या निकटतम परिजनों को मुआवजा देने के लिए नई नीति बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों को मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महिला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग के लिए स्कूटर और मोटरसाइकिल खरीद से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्कूटर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों प्रकार के वाहन शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य महिला सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाना तथा पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाना है।

धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी भवानी मंदिर परिसर में निर्मित धर्मशाला के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित न्यास समिति को सौंपने का निर्णय लिया गया। वहीं सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम को विकसित करने तथा उससे जुड़े ट्रस्ट डीड और भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

बैठक में परिवहन और कर व्यवस्था से जुड़े संशोधनों पर भी सहमति बनी। बिहार मोटरयान कराधान अधिनियम के अंतर्गत दोपहिया और तिपहिया वाहनों से संबंधित प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई। वहीं बिहार खनिज नियमावली में संशोधन कर अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण को और प्रभावी बनाने का रास्ता भी साफ किया गया।

शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के चयनित विद्यालयों के साथ अन्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार करना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त राज्य के विमानन संस्थान में प्रशिक्षण के लिए विमान सेवा प्राप्त करने से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए निर्णय राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आधारभूत संरचना, आधुनिक तकनीक, पर्यटन, शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, महिला सुरक्षा, शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े इन फैसलों का असर आने वाले वर्षों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बिहार के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।

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