बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, नए आदर्श विद्यालय, रोपवे कंपनी समेत विकास की कई योजनाओं को मिली मंजूरी

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के विकास, शिक्षा, पर्यटन, शहरी आधारभूत संरचना, नागरिक उड्डयन, पंचायत, अनुसूचित जनजाति कल्याण, समाज कल्याण, खनन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, निवेश को बढ़ावा, रोजगार के अवसर सृजित करना और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। कैबिनेट के निर्णयों में भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, बिहार AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रोपवे कंपनी का गठन, अमृत 2.0 के तहत जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाएं, नए आदर्श विद्यालय, पर्यटन विकास, पंचायतों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने जैसे कई बड़े निर्णय शामिल हैं।

भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मिली बड़ी मंजूरी

कैबिनेट ने भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना के लिए सैकड़ों एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। एयरपोर्ट बनने से भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई और आसपास के जिलों को सीधी हवाई सुविधा मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही रेशम उद्योग, कृषि उत्पादों और स्थानीय कारोबार को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

राजगीर, रोहतास और कैमूर में नए एयरपोर्ट की दिशा में कदम

राज्य सरकार ने राजगीर, रोहतास और कैमूर क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी है। इससे इन क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने की दिशा में तकनीकी अध्ययन और आगे की प्रक्रिया तेज होगी।

बिहार में बनेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव के अनुसार बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य में AI आधारित शोध, नवाचार, स्टार्टअप, कौशल विकास, क्लाउड कंप्यूटिंग, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करना है। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षण मिलेगा और उद्योगों को नई तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई है, जो राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक रोपवे परियोजनाओं का विकास, संचालन और प्रबंधन करेगी। इससे पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

इसके अलावा बिहार पर्यटन सेवा नियमावली 2026 तथा पर्यटन अधीनस्थ सेवा संवर्ग नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। इन नियमों से विभागीय कार्यप्रणाली और मानव संसाधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।

सीतामढ़ी के पुनौराधाम को मिलेगा नया स्वरूप

सरकार ने सीतामढ़ी स्थित माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे मंदिर परिसर के संचालन, प्रबंधन और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कैमूर के मुंडेश्वरी मंदिर में धर्मशाला संचालन को मंजूरी

कैमूर स्थित प्रसिद्ध मुंडेश्वरी भवानी मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित धर्मशाला के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी मंदिर न्यास समिति को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के अंतर्गत पहले से चयनित सरस्वती विद्या निकेतन के अतिरिक्त अन्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, ICT लैब, डिजिटल स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कोचिंग सुविधा और कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी।

शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी

अमृत 2.0 योजना के तहत हाजीपुर, खगड़िया, सीतामढ़ी और समस्तीपुर में करोड़ों रुपये की जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इन योजनाओं के तहत नई पाइपलाइन, जलमीनार, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, एसटीपी, पंपिंग स्टेशन और आधुनिक जल वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी। इससे लाखों लोगों को शुद्ध पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधा मिलेगी।

उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग की नीति लागू

सरकार ने उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग की नई नीति को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य नदियों और भूजल पर दबाव कम करना, उद्योगों को वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध कराना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा शहरी जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ बनाना है।

पंचायतों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने की तैयारी

ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसके लागू होने के बाद पंचायतें निर्धारित प्रक्रिया के तहत कर और शुल्क लगाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी। इससे स्थानीय विकास कार्यों के लिए पंचायतों की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी।

थारू विकास योजनाओं का विस्तार

पश्चिम चंपारण में थारू समुदाय के लिए संचालित योजनाओं की अवधि बढ़ाने और उनके बजट व्यय की स्वीकृति दी गई है। इस निर्णय से अनुसूचित जनजाति समुदाय के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

खनन नियमों में संशोधन

राज्य सरकार ने बिहार खनिज नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के बाद पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी में अधिक प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि की संभावना है।

जेल व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले

राज्य की जेलों में अनुबंध पर कार्यरत पूर्व सैनिक सहायक-कक्षपालों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया गया है। साथ ही जेलों में बंदियों की प्राकृतिक अथवा आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को मुआवजा देने की नीति को भी मंजूरी मिली है।

वृद्धजन आश्रय योजना अब समाज कल्याण विभाग के अधीन

राज्य के निराश्रित, बेसहारा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित आश्रय स्थलों का संचालन अब समाज कल्याण विभाग करेगा। इससे वृद्धजन कल्याण योजनाओं का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

पुलिस को मिलेंगे नए वाहन

महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और शहरी क्षेत्रों में बेहतर पुलिसिंग के लिए 1500 नए स्कूटर खरीदने का निर्णय लिया गया है। इनमें पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों प्रकार के वाहन शामिल होंगे। इससे महिला पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी।

परिवहन कर व्यवस्था में संशोधन

मोटर वाहन कर से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करते हुए विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के कर की दरों में बदलाव को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे कर व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और व्यवस्थित बनेगी।

बिहार के विकास को मिलेगी नई गति

कैबिनेट द्वारा लिए गए इन निर्णयों को राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षा, पर्यटन, तकनीक, शहरी विकास, नागरिक उड्डयन, पंचायत सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के लागू होने के बाद बिहार में निवेश, रोजगार, आधुनिक सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों का सीधा लाभ आने वाले वर्षों में राज्य के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचेगा।

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