​बिहार प्रशासनिक विन्यास में बड़ा फेरबदल: राजभवन से लेकर गृह विभाग तक बदला कप्तानों का समीकरण, 11 आईएएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

पटना, 23 मई 2026। बिहार राज्य सरकार ने प्रशासनिक गतिशीलता को सुदृढ़ करने और विभिन्न विभागों के नीतिगत कार्यों के निष्पादन को तीव्र करने के उद्देश्य से नौकरशाही के शीर्ष स्तर पर एक बड़ा और प्रखर सांगठनिक फेरबदल पटल पर रखा है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी विधिक अधिसूचना के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 11 वरिष्ठ कप्तानों के कार्यक्षेत्र और उत्तरदायित्वों में व्यापक विचलन दर्ज किया गया है।

​इस प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत जहां नौ आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण और विस्थापन की विधिक संचिका लाइव की गई है, वहीं छह वरिष्ठ नौकरशाहों को कतिपय महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार सुपुर्द कर राज्य के प्रशासनिक विन्यास को संतुलित करने का प्रयास मुकम्मल किया गया है। इस बड़े फेरबदल के कारण राजभवन सचिवालय, गृह विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार जैसे संवेदनशील महकमों की कमान नए विनिर्देशों के साथ सुगठित की गई है।

राजभवन सचिवालय और मंत्रिमंडल संभाग में शीर्ष प्रशासनिक विस्थापन

​प्रशासनिक अधिसूचना के प्राथमिक विलेखों के अनुसार, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह को बिहार के राज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। राजभवन सचिवालय के मुख्य कमान पद की कप्तानी संभालने के साथ-साथ वे पूर्व से संधारित अपने महत्वपूर्ण दायित्व—सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य जांच आयुक्त सह महानिदेशक—के अतिरिक्त प्रभार के विन्यास में भी पूरी कड़ाई से बने रहेंगे।

​इसके समानांतर, राज्य सरकार ने प्रशासनिक विन्यास को नया मोड़ देते हुए वरिष्ठ नौकरशाह अरविंद कुमार चौधरी को गृह एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के अत्यधिक प्रखर और संवेदनशील पदभार से विमुक्त कर दिया है। अरविंद कुमार चौधरी को अब राज्य मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव पद की एक बहुत बड़ी और केंद्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, वे पूर्व की भांति बिहार संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद (BCECEB) के परीक्षा नियंत्रक और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद के अतिरिक्त प्रभार ग्रिड में भी विधिक रूप से अपनी सेवाएं लाइव रखेंगे।

​इस प्रशासनिक प्रक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव संजय कुमार सिंह की कार्यपरिधि में भी आंशिक संशोधन दर्ज किया गया है। संजय कुमार सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त पद के अतिरिक्त प्रभार विन्यास से पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है, ताकि वे मुख्यमंत्री सचिवालय के प्राथमिक और नीतिगत कार्यों पर अपना ध्यान केंद्रित रख सकें।

​वहीं, राजभवन में राज्यपाल के सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे गोपाल मीणा के विस्थापन का मार्ग भी साफ हो चुका है। गोपाल मीणा की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) के विधिक प्रस्ताव को राज्य सरकार की ओर से विमुक्त कर दिया गया है और वे अब नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र (NADA SEZ) के विकास आयुक्त के विधिक पद पर अपना नया दायित्व ग्रहण करने के लिए बिहार कैडर से विरमित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बिहार आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में कार्यरत राजीव कुमार श्रीवास्तव का स्थानांतरण सीधे तौर पर बिहार वित्त विभाग के प्रशासनिक संभाग में किया गया है, जहां वे अब अपर सचिव के रूप में बजटीय विन्यासों की कप्तानी संभालेंगे।

छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सौंपे गए अतिरिक्त नीतिगत प्रभार

​राज्य की आंतरिक सुरक्षा, राजस्व प्रणालियों और ढांचागत विकास की गति को मंद होने से सुरक्षित रखने के वास्ते सामान्य प्रशासन विभाग ने छह आईएएस कप्तानों को अतिरिक्त प्रशासनिक प्रभार की संचिकाओं से एकीकृत किया है। इन अधिकारियों के प्रभार के विन्यास का संपूर्ण श्रेणीवार विवरण निम्नलिखित है:

  • डॉ. बी. राजेन्दर: सामान्य प्रशासन विभाग के वर्तमान अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की प्रशासनिक क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए सरकार ने उन्हें बिहार निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव का अत्यंत महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार सुपुर्द किया है। इस प्रविष्टि से राज्य के भीतर भ्रष्टाचार निरोधक अभियानों को एक नया सांगठनिक संबल प्राप्त होगा।
  • कुंदन कुमार: उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार को अब राज्य के सबसे सर्वोपरि महकमे यानी बिहार गृह विभाग के सचिव पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह विभाग का यह प्रभार मिलने से पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के नीतिगत निर्णयों में उद्योग विभाग के कप्तानों की कार्यशैली का समन्वय लाइव देखा जा सकेगा।
  • सीमा त्रिपाठी: बिहार मानवाधिकार आयोग के सचिव पद पर कार्यरत सीमा त्रिपाठी को भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन और डिजिटलीकरण के कार्यों को तीव्र करने के उद्देश्य से बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार कड़ाई से हस्तगत कराया गया है।
  • इनायत खान: बिहार शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक (MD) इनायत खान की कार्यक्षमता का विस्तार करते हुए सरकार ने उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भीतर विशेष सचिव के महत्वपूर्ण पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का विधिक निर्णय लिया है।
  • निलेश रामचंद्र देवरे: सिविल विमानन संभाग के विशेष सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे निलेश रामचंद्र देवरे को अब बिहार आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक (Managing Director) की अतिरिक्त कप्तानी सुपुर्द की गई है, जिससे शहरी आवास योजनाओं के मलबे को साफ कर नए विनिर्माण प्रक्रमों को गति दी जा सके।
  • अरविंद कुमार वर्मा: मंत्रिमंडल सचिवालय के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा को औद्योगिक निवेश और राज्य के भीतर कनिष्ठ निर्माण इकाइयों के सरलीकरण को ध्यान में रखते हुए बिहार उद्योग विभाग के विशेष सचिव पद की अतिरिक्त कमान लाइव मोड पर सौंप दी गई है।

प्रशासनिक संतुलन और विकासात्मक प्राथमिकताओं का नया विन्यास

​सामान्य प्रशासन विभाग के सूत्रों और सचिवालय के जासूसी विश्लेषकों के अनुसार, मई 2026 के इस तीसरे सप्ताह में लागू किया गया यह आईएएस स्थानांतरण प्रक्रम केवल एक रूटीन फेरबदल नहीं है, बल्कि इसके पीछे राज्य सरकार का एक सुगठित कूटनीतिक विन्यास संधारित है। वर्ष 2026 की विकासात्मक प्राथमिकताओं, सात निश्चय योजनाओं के क्रियान्वयन और बुनियादी अवसंरचना के विनिर्माण लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर लॉक करने के वास्ते इन कप्तानों के विभागों में फेरबदल मुकम्मल किया गया है।

​विशेष रूप से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भीतर सीमा त्रिपाठी और इनायत खान जैसे दो तेजतर्रार महिला अधिकारियों की विशेष प्रविष्टि कराए जाने से भूमि सर्वेक्षण विलेखों और दाखिल-खारिज के लंबित डिजिटल डेटा डंप को ससमय निष्पादित करने में कनिष्ठ राजस्व अधिकारियों को कड़ा प्रशासनिक विनिर्देश प्राप्त होगा।

​इसके साथ ही, गृह विभाग के भीतर अरविंद कुमार चौधरी की विमुक्ति और कुंदन कुमार की सचिव के रूप में अतिरिक्त ताजपोशी यह साफ प्रदर्शित करती है कि सरकार कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर किसी भी प्रकार के सांगठनिक अवसाद को ब्लॉक करने के प्रति पूरी तरह गंभीर है। उद्योग विभाग और गृह विभाग के समन्वय से औद्योगिक प्रक्षेपों और निवेश केंद्रों की सुरक्षा ग्रिड को अभेद्य बनाया जा सकेगा, जिससे राज्य के भीतर आर्थिक संचरण की गतियां बिना किसी आंतरिक अवरोध के सुचारू संधारित रह सकें।

​सभी संबंधित आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पुराने विन्यासों को हैंडओवर करने और नए पदभार वाले कार्यालयों के मुहाने पर अपनी विधिक उपस्थिति लाइव करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया गया है, ताकि प्रशासनिक संचिकाओं का प्रवाह बिना किसी लिपिकीय रुकावट के निरंतर गतिशील बना रहे।

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