भागलपुर के अलीगंज में मवेशी लदे वाहन को रोकने पर भारी बवाल: हुसैनाबाद में सड़क जाम कर बूचड़खाना संचालकों का हंगामा, ‘बाबा गिरोह’ पर रंगदारी का आरोप

भागलपुर, 23 मई 2026। भागलपुर जिला अंतर्गत आने वाले बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज प्रक्षेत्र में मवेशियों के परिवहन और कतिपय स्थानीय सिंडिकेट्स के बीच उत्पन्न हुए वित्तीय व वैचारिक टकराव के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति अचानक बेहद संवेदनशील हो गई। अलीगंज मुख्य मार्ग पर जानवर लदे एक बड़े कमर्शियल वाहन को कतिपय स्थानीय तत्वों द्वारा रोके जाने के विरोध में बूचड़खाना प्रचालन से जुड़े दर्जनों लोग हुसैनाबाद अंचल में संगठित होकर सड़कों पर उतर आए।

​प्रदर्शनकारियों ने वाहन को रोके जाने की प्रविष्टि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्य सड़क मार्ग को पूरी कड़ाई से ब्लॉक कर दिया और उग्र हंगामा शुरू कर दिया। इस अचानक हुए सड़क जाम के कारण लगभग आधे घंटे तक संपूर्ण हुसैनाबाद-अलीगंज कॉरिडोर पर वाहनों का संचरण पूरी तरह से म्यूट हो गया और सड़क के दोनों छोरों पर लंबी कतारें लग गईं। घटना की संवेदनशीलता और प्रक्षेप में संभावित तनाव की खुफिया इनपुट मिलते ही डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार भारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ तुरंत Ground Zero पर मुस्तैद हुए, जिसके बाद मामले को कूटनीतिक ढंग से शांत कराया जा सका।

शुक्रवार की शाम साढ़े पांच बजे भड़का विवाद, हुसैनाबाद में बूचड़खाना संचालकों की लामबंदी

​इस धरातलीय अशांति और सड़क जाम के यांत्रिक विन्यासों की स्क्रूटनी करने पर यह प्रामाणिक तथ्य सामने आया है कि शुक्रवार की शाम लगभग 5:30 बजे मवेशियों से लदा एक बड़ा वाहन अलीगंज मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान कतिपय स्थानीय युवकों ने पशु क्रूरता और विधिक परमिट की जांच का हवाला देकर उस वाहन की गति को ऑन-स्पॉट म्यूट करा दिया और उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। वाहन के रोके जाने और चालक के साथ किए गए अमर्यादित व्यवहार की सूचना जैसे ही हुसैनाबाद प्रक्षेप में संचालित होने वाले बूचड़खाना संचालकों और कनिष्ठ मांस व्यापारियों को हस्तगत हुई, संपूर्ण सिंडिकेट के भीतर सांगठनिक आक्रोश लाइव मोड पर सक्रिय हो गया।

​हुसैनाबाद से प्रस्थान कर सैकड़ों की संख्या में उत्तेजित लोग तुरंत अलीगंज-हुसैनाबाद मुख्य मार्ग के हॉट-स्पॉट पर जा धमके। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कतिपय तत्व जानबूझकर उनके वैध व्यापारिक वाहनों को निशाना बना रहे हैं और उनके रसद आपूर्ति विन्यास को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। उग्र भीड़ ने सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी और बैरिकेड्स व अन्य अवरोधक लगाकर यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया। शाम के व्यस्ततम समय में हुए इस अप्रत्याशित चक्काजाम के कारण दफ्तरों और मंडियों से लौट रहे आम मुसाफिरों, कनिष्ठ राहगीरों और आवश्यक सप्लायर्स को भारी शारीरिक अवसाद और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार की आक्रामक प्रविष्टि, अतिरिक्त पुलिस बल ने संभाला मोर्चा

​सड़क जाम और दो पक्षों के बीच आमने-सामने की हिंसक भिड़ंत की संवेदनशील इनपुट जैसे ही जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष के डिजिटल पटल पर फ्लैश हुई, बबरगंज थाना पुलिस सहित आस-पड़ोस के अन्य थानों की पुलिस डायरी तुरंत एक्टिव हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार स्वयं सशस्त्र कमांडो दस्ते और त्वरित कार्य बल (QRT) की अतिरिक्त कंपनियों के साथ तुरंत हुसैनाबाद प्रक्षेप में लाइव प्रविष्ट हुए।

​पुलिस कप्तानों ने सबसे पहले उग्र हो रही भीड़ को चारों तरफ से कॉर्डन ऑफ किया और प्रदर्शनकारियों के मुख्य कप्तानों को वार्ता की टेबल पर आने का कड़ा विनिर्देश संधारित किया। डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार और कनिष्ठ पुलिस कप्तानों ने आक्रोशित बूचड़खाना संचालकों को कानून का पाठ पढ़ाते हुए साफ किया कि किसी भी विसंगति के प्रतिशोध में मुख्य सड़क मार्ग को ब्लॉक करना पूरी तरह से एक गैर-कानूनी कृत्य है, जिससे आम नागरिकों के विधिक अधिकार प्रभावित होते हैं।

​पुलिस के आला अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मवेशी लदे वाहन को रोकने वाले तत्वों के खिलाफ विधि सम्मत साक्ष्यों के आधार पर कड़क कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लगभग आधे घंटे तक चले इस प्रखर संवाद और प्रशासनिक कड़ाई के उपरांत प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को विवश हुए, जिसके बाद पुलिस ने डंप पड़े जाम को हटवाकर यातायात व्यवस्था को दोबारा सुचारू किया। पुलिस ने सुरक्षा मानकों के आलोक में जानवर लदे उस मुख्य वाहन को भौतिक रूप से जब्त कर बबरगंज थाने के विधिक प्रक्षेप में सुरक्षित पार्क करा दिया है।

गौरव गोस्वामी के ‘बाबा गिरोह’ पर रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप, पुलिस कर रही स्क्रूटनी

​इस पूरे हाई-प्रोफाइल हंगामे के पीछे छिपे आपराधिक और वित्तीय कड़ियों की जब जासूसी विंग ने प्रारंभिक स्तर पर जांच शुरू की, तो अंचल के नागरिकों और वाहन चालक के फर्दबयान में एक बेहद चौंकाने वाला कोण पटल पर आया। स्थानीय भुक्तभोगियों और मवेशी व्यापारियों ने पुलिस डायरी में यह लिखित विलेख दर्ज कराया है कि अलीगंज में जानवर लदे वाहन को किसी आम राहगीर या पशु प्रेमी संगठन ने नहीं रोका था, बल्कि इस पूरी घटना के पीछे गौरव गोस्वामी द्वारा संचालित किया जाने वाला कुख्यात ‘बाबा गिरोह’ सीधे तौर पर सक्रिय संधारित था।

​स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘बाबा गिरोह’ के गुर्गों ने वाहन को घेरकर चालक को गनपॉइंट पर लिया था और प्रक्षेप से सुरक्षित गुजरने के एवज में एक बहुत मोटी बजटीय राशि (अवैध रंगदारी) की कड़क मांग की जा रही थी। जब वाहन के संचालकों ने इस रंगदारी सिंडिकेट को अवैध पूंजी हस्तगत कराने से साफ इनकार कर दिया, तब रंगदारी न मिलने की सनक में गिरोह के सदस्यों ने वाहन की चाबियां छीन लीं और उसे आगे डाइवर्ट होने से पूरी कड़ाई से ब्लॉक कर दिया।

​भागलपुर पुलिस के कनिष्ठ जासूस अब इस रंगदारी वाले बिंदु को अपनी केस डायरी का मुख्य केंद्र विविधिकृत कर जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। गौरव गोस्वामी और उसके बाबा गिरोह के पूर्व के आपराधिक इतिहास, रंगदारी के मामलों और स्थानीय सिंडिकेट्स के साथ उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) की गहन तकनीकी स्क्रूटनी साइबर सेल के समन्वय से लाइव मोड पर संचालित की जा रही है।

वाहन के विधिक परमिट और मवेशियों की स्वास्थ्य सांख्यिकी की भी होगी फॉरेंसिक जांच

​मामले के दूसरे विधिक और संतुलित पहलू पर प्रकाश डालते हुए डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन इस पूरे विवाद के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर निष्पक्षता के साथ अनुसंधान संधारित कर रहा है। एक तरफ जहां सड़क जाम करने वाले और ‘बाबा गिरोह’ के नाम पर अवैध रंगदारी का चक्रव्यूह रचने वाले तत्वों के खिलाफ विधिक धाराओं के तहत कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जब्त किए गए जानवर लदे वाहन के कानूनी दस्तावेजों की भी गहन स्क्रूटनी की जा रही है।

​पुलिस यह जांच कर रही है कि वाहन के पास पशुओं के अंतर-जिला परिवहन का वैध सरकारी परमिट, क्षमता विन्यास का विलेख और पशु चिकित्सक द्वारा जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध है या नहीं। यदि वाहन के भीतर ओवरलोडिंग की सांख्यिकी पाई जाती है, तो वाहन मालिक पर भी विधिक कार्रवाई होगी। इसके समानांतर, गौरव गोस्वामी के बाबा गिरोह पर लगे रंगदारी के आरोपों की प्रामाणिकता की जांच के लिए चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अंचल के भीतर अशांति फैलाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

​इस घटनाक्रम के बाद से बबरगंज, अलीगंज और हुसैनाबाद के कतिपय मिश्रित आबादी वाले हॉट-स्पॉट्स पर एहतियातन पुलिस की विशेष गश्ती गाड़ियां निरंतर सायरन मोड पर लाइव संधारित हैं। स्थानीय शांति समिति के सदस्यों के साथ भी पुलिस कप्तान संवाद स्थापित कर रहे हैं ताकि कतिपय असामाजिक तत्व इस घटना का दुरुपयोग कर सांप्रदायिक सौहार्द के ताने-बाने को आंशिक ठेस न पहुंचा सकें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाबा गिरोह के फरार चल रहे गुर्गों की भौतिक अवस्थिति को लोकेट करने के वास्ते कतिपय गुप्त ठिकानों पर देर रात भी छापेमारी प्रक्रम मुकम्मल किए गए हैं।

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