पटना, 10 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा के बाद एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) की सीटों का फाइनल डिस्ट्रिब्यूशन तय करने के लिए शनिवार को पटना में अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में स्पष्ट हो जाएगा कि गठबंधन में शामिल हर दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार, इसके अगले ही दिन, रविवार को दिल्ली में बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में केंद्रीय चुनाव समिति उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाएगी।
बैठक में शामिल होंगे शीर्ष नेता
इस महत्वपूर्ण बैठक में बीजेपी के शीर्ष नेता शामिल होंगे, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, संगठन मंत्री भिखु भाई दालसानिया, क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
चिराग पासवान की मांग ने बढ़ाई जटिलता
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस बार एनडीए में अधिक सीटों की मांग की है। सूत्रों का कहना है कि यही मुख्य कारण है, जिसने गठबंधन के समीकरण को पेचीदा बना दिया है। गठबंधन के नेताओं को उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकल जाएगा।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने चिराग पासवान से मुलाकात के बाद कहा, “सब कुछ सकारात्मक है।” साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले चिराग इस बार फिर एनडीए का हिस्सा हैं।
2020 का विधानसभा चुनाव और चिराग फैक्टर
पिछले विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने ज़ेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिससे नीतीश कुमार की पार्टी केवल 43 सीटों तक सीमित रह गई थी। उस साल चिराग की पार्टी ने 135 उम्मीदवार उतारे, लेकिन जीत केवल एक को मिली।
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग और उनकी पार्टी ने अपनी ताकत साबित की। इसी आधार पर वह इस बार विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों की मांग पर अडिग हैं।
चिराग की रणनीति और दावा
नीतीश कुमार से मतभेद के बावजूद, चिराग पासवान ने एनडीए में वापसी की और लोकसभा चुनाव में 5 सीटें जीतकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। यही वजह है कि वह इस बार विधानसभा चुनाव में और अधिक सीटों की मांग पर जोर दे रहे हैं।


