
भागलपुर | 02 मार्च, 2026: सिल्क सिटी भागलपुर के सामाजिक और व्यावसायिक जगत के लिए आज का दिन अत्यंत भारी रहा। रेल यात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान की धर्मपत्नी अनुराधा खेतान के आकस्मिक निधन पर शहर के गौशाला प्रांगण में एक विशाल शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के हर वर्ग के लोगों ने नम आँखों से अपनी प्रिय ‘अनुराधा दीदी’ को अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि सभा: पुष्पांजलि और दो मिनट का मौन
गौशाला प्रांगण में आयोजित इस शोकसभा में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और रेल यात्री संघ के सदस्य बड़ी संख्या में जुटे।
- पुष्पांजलि: उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय अनुराधा खेतान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
- मौन प्रार्थना: दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की।
यादों में जिंदा रहेंगी अनुराधा खेतान: “समाज के लिए अपूरणीय क्षति”
शोकसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने अनुराधा जी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को साझा किया। वक्ताओं के अनुसार:
- मिलनसार व्यक्तित्व: वे अपने सरल और सहज स्वभाव के लिए पूरे शहर में जानी जाती थीं।
- धार्मिक एवं सामाजिक जुड़ाव: वे केवल एक गृहिणी नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक कार्यों में अग्रिम पंक्ति में रहने वाली महिला थीं।
- मददगार हाथ: जरूरतमंदों की सहायता के लिए वे हमेशा तत्पर रहती थीं, जो आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है।
VOB का नजरिया: एक मजबूत स्तंभ का जाना
विष्णु खेतान जी ने रेल यात्रियों की समस्याओं के लिए हमेशा संघर्ष किया है, और उनके इस सामाजिक सफर में अनुराधा जी उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। उनकी कमी न केवल खेतान परिवार को, बल्कि भागलपुर के पूरे सामाजिक ढांचे को खलेगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ ईश्वर से प्रार्थना करता है कि शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


