
भागलपुर | 02 मार्च, 2026: अन्नदाताओं की गाढ़ी कमाई और सरकारी मदद पर नजर गड़ाए बैठे साइबर अपराधियों के खिलाफ भागलपुर पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना के लाभार्थियों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में नगदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक उपकरण बरामद किए गए हैं।
ठगी का ‘मोडस ऑपरेंडी’: बिना KYC वाले किसान थे सॉफ्ट टारगेट
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह हर किसान के लिए चेतावनी है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था:
- टारगेट: गिरोह उन गरीब और सीधे-साधे किसानों की सूची निकालता था, जिनका पीएम किसान खाते का KYC (केवाईसी) अधूरा था।
- फर्जीवाड़ा: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम पर नए खाते खोलना या उनके बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाना इनका मुख्य काम था।
- निकासी: जैसे ही सरकार योजना की राशि भेजती, ये अपराधी बायोमेट्रिक मशीन और फर्जी एटीएम कार्ड के जरिए पैसे गायब कर देते थे।
वारसलीगंज में ‘साइबर हब’ पर छापेमारी
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसलीगंज में एक मकान पर धावा बोला।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से अमर कुमार तांती (मारुफचक निवासी) और राहुल कुमार (वारसलीगंज निवासी) को दबोच लिया।
- बरामदगी की सूची:
- नगद: ₹6,33,000 (छह लाख तैंतीस हजार रुपये)।
- गैजेट्स: 1 लैपटॉप, 2 मोबाइल फोन, 1 बायोमेट्रिक मशीन, 1 मोबाइल प्रिंटर।
- दस्तावेज: 10 एटीएम कार्ड, 12 पासबुक, आधार कार्ड और ठगी का हिसाब रखने वाली नोटबुक।
पुलिस की अपील: “सतर्कता ही सुरक्षा है”
भागलपुर पुलिस ने इस बड़ी कामयाबी के बाद आम नागरिकों, खासकर ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना आधार नंबर, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी न दें और अपना केवाईसी स्वयं बैंक या अधिकृत केंद्र पर जाकर अपडेट कराएं।
VOB का नजरिया: डिजिटल साक्षरता की दरकार
पीएम किसान जैसी योजनाएं सीधे किसानों के खातों में पैसे पहुँचाने के लिए हैं, लेकिन डिजिटल साक्षरता की कमी का फायदा ये साइबर ठग उठा रहे हैं। भागलपुर पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि ‘अमर’ और ‘राहुल’ जैसे अपराधी फिर से किसी गरीब का निवाला न छीन सकें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


