
भागलपुर, 29 मई 2026। सिल्क सिटी भागलपुर के ‘फेफड़े’ के रूप में विख्यात ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड (Sandis Compound) में प्रवेश शुल्क (एंट्री फीस) को लेकर पिछले दो दिनों से संधारित हो रहा अभूतपूर्व विवाद और नागरिक गतिरोध आखिरकार प्रशासनिक कड़ाई के बाद थमता नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों, प्रातःकालीन भ्रमण करने वाले बुजुर्गों, युवाओं और विभिन्न विधाओं के खिलाड़ियों के चौतरफा प्रखर विरोध के आगे संचालन एजेंसी को पूरी कड़ाई के साथ बैकफुट पर आने को विवश होना पड़ा है।
स्मार्ट सिटी के एमडी सह नगर आयुक्त के कड़े और संतुलित स्टैंड के बाद संचालन एजेंसी ने अपने मनमाने विलेखों को म्यूट करते हुए शाम के वक्त पुरानी निःशुल्क व्यवस्था को लाइव मोड पर री-स्टोर कर दिया है। हालांकि, सुबह की निःशुल्क समय सारणी के भीतरी प्रक्षेप में एक घंटे की दंडात्मक कटौती भी दर्ज की गई है, जिससे कतिपय नागरिकों में आंशिक असंतोष की सांख्यिकी अभी भी बनी हुई है।
समय सारणी का नया लेआउट: शाम को बड़ी राहत, सुबह के विन्यास में हुई कटौती
संचालन एजेंसी द्वारा विनिर्मित किए गए नए नियमों के कारण सैंडिस कंपाउंड के भीतरी एंट्री गेटों पर भारी तकनीकी और व्यावहारिक फेरबदल दर्ज किया गया है। दो दिन पूर्व एजेंसी ने जो तानाशाही चक्रव्यूह रचा था, उसे नगर आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद संशोधित कर नए टाइम-स्टैम्प पर लॉक किया गया है।
संशोधित एंट्री व्यवस्था की सांख्यिकी और विवरण निम्नलिखित लेआउट के अनुसार संरेखित है:
- शाम की व्यवस्था (प्रखर बदलाव व राहत): दो दिन पहले संचालन एजेंसी ने सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे के भीतरी प्रक्षेप को पूरी तरह से सशुल्क (टिकट अनिवार्य) कर दिया था। आम जनता के भारी हंगामे के बाद अब शाम 6:00 बजे के बजाय पूर्व की भांति शाम 4:00 बजे के बाद से ही शत-प्रतिशत निःशुल्क प्रवेश (Free Entry) की व्यवस्था को दोबारा लाइव कर दिया गया है।
- सुबह की व्यवस्था (अवधि में कटौती): पूर्व की समय सारणी के तहत नागरिकों को सुबह 9:00 बजे तक मुफ्त प्रवेश की विधिक सुविधा हस्तगत थी। परंतु, नए विनिर्देश के तहत एजेंसी ने सुबह की इस अवधि को एक घंटा घटाकर केवल 8:00 बजे तक कर दिया है। यानी सुबह 8:00 बजे के बाद परिसर के भीतर प्रविष्ट होने वाले प्रत्येक मुसाफिर को एंट्री टिकट का वित्तीय भुगतान करना अनिवार्य होगा।
सैंडिस कंपाउंड के एंट्री फीस का सांख्यिकीय एवं तुलनात्मक लेआउट
परिसर के भीतर प्रवेश नियमों में पिछले तीन दिनों के भीतर दर्ज हुए उतार-चढ़ाव की सांख्यिकी को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
समयांतराल का विधिक विन्यास | पूर्व की मूल ऐतिहासिक व्यवस्था | दो दिन पहले का एजेंसी मॉडल (विवादित) | नगर आयुक्त के बाद का नया आदेश (वर्तमान) |
|---|---|---|---|
प्रातःकालीन निःशुल्क सत्र | सुबह 09:00 बजे तक मुफ्त | सुबह 09:00 बजे तक मुफ्त | केवल सुबह 08:00 बजे तक मुफ्त (कटौती) |
सायंकालीन निःशुल्क सत्र | शाम 04:00 बजे के बाद मुफ्त | शाम 06:00 बजे के बाद मुफ्त | शाम 04:00 बजे के बाद मुफ्त (राहत बहाल) |
सशुल्क (टिकट) की अवधि | सुबह 09:00 से शाम 04:00 तक | सुबह 09:00 से शाम 06:00 तक | सुबह 08:00 से शाम 04:00 तक (विस्तारित) |
पूर्व डिप्टी मेयर डॉ. प्रीति शेखर की मुस्तैदी: नगर आयुक्त से मिलकर सौंपा आवेदन
सैंडिस कंपाउंड के भीतर टिकट प्रणाली लागू होने के बाद से ही भागलपुर के शहरवासियों का आक्रोश लाउड मोड पर सक्रिय था। मामले की गंभीरता और जनता के भीतरी अवसाद को संज्ञान में लेते हुए बुधवार को भागलपुर की पूर्व डिप्टी मेयर डॉ. प्रीति शेखर ने कप्तानी मोर्चा संभाला। डॉ. प्रीति शेखर प्रबुद्ध नागरिकों और खिलाड़ियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधे नगर आयुक्त के मुख्य कमान केबिन में प्रविष्ट हुईं और उन्हें एक विस्तृत मांग पत्र (आवेदन) हस्तगत कराया।
पूर्व डिप्टी मेयर ने कड़े शब्दों में रेखांकित किया कि सैंडिस कंपाउंड कोई व्यावसायिक मॉल नहीं है, बल्कि यह शहर का फेफड़ा और खिलाड़ियों का मुख्य अभ्यास ग्रिड है, जहां टिकट व्यवस्था थोपकर गरीब तबके के एथलीटों और वृद्धों के स्वास्थ्य अधिकारों को ब्लॉक करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी एमडी की फटकार और पीआरओ पंकज कुमार का आधिकारिक स्टैंड
डॉ. प्रीति शेखर द्वारा सौंपे गए विलेखों और ग्राउंड जीरो से प्राप्त खुफिया इनपुट्स का संज्ञान लेते हुए स्मार्ट सिटी के एमडी सह नगर आयुक्त ने त्वरित रिस्पॉन्स ग्रिड सक्रिय किया। उन्होंने संचालन एजेंसी के आला अधिकारियों को तत्काल अपने कमान कक्ष में तलब किया। नगर आयुक्त ने नियमों को दरकिनार कर मनमाना शुल्क ढांचा तैयार करने को लेकर एजेंसी को प्रखर फटकार लगाई और आम जनता की सहूलियत के मद्देनजर बीच का रास्ता (वैकल्पिक व्यवस्था) ससमय निकालने का कड़ा विनिर्देश निर्गत किया। इस कड़क प्रशासनिक हस्तक्षेप के प्रतिफल के रूप में ही एजेंसी को चौबीस घंटे के भीतर अपने कदम पीछे खींचने पड़े।
इस संबंध में आधिकारिक विवरण साझा करते हुए स्मार्ट सिटी के पीआरओ (PRO) पंकज कुमार ने मीडिया काउंटरों के समक्ष प्रशासन का संतुलित स्टैंड पटल पर रखा। पीआरओ पंकज कुमार ने प्रामाणिक रूप से पुष्टि की कि स्मार्ट सिटी के एमडी के सीधे हस्तक्षेप, जनप्रतिनिधियों की मुस्तैदी और आम जनता के विधिक हितों को सर्वोपरि देखते हुए यह नया बदलाव संरेखित किया गया है।
सुबह की अवधि को भी 9 बजे तक री-स्टोर करने की कड़क मांग
यद्यपि शाम के वक्त 4:00 बजे से मुफ्त प्रवेश बहाल होने से खिलाड़ियों और टहलने वाले नागरिकों को एक बड़ी राहत हस्तगत हुई है, परंतु सुबह के सत्र में की गई एक घंटे की कटौती पर अभी भी नागरिक संगठनों का स्टैंड काफी कड़ा परिलक्षित हो रहा है।
स्थानीय खेल कप्तानों और वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि ग्रीष्मकाल की उमस और मौसमी विन्यासों के कारण कतिपय वृद्ध और गरीब तबके के खिलाड़ी सुबह 8:30 से 9:00 बजे तक अभ्यास व टहलने का प्रक्रम जारी रखते हैं। ऐसे में सुबह की अवधि को भी पूर्व की भांति अनिवार्य रूप से 9:00 बजे तक ही लॉक रखा जाना चाहिए, ताकि समाज के कनिष्ठ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को किसी भी प्रकार के वित्तीय अवसाद या परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर निगम कमान को इस विनिर्देश पर दोबारा विचार करने की संचिका प्रेषित की गई है।


