भागलपुर में ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई, पेंशन, भूमि विवाद और अन्य मामलों पर प्रशासन ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

भागलपुर। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” कार्यक्रम के तहत सोमवार को भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित करीब 49 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें लंबित पेंशन, भूमि विवाद, विधि-व्यवस्था और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े आवेदन प्रमुख रूप से शामिल रहे।

जिलाधिकारी ने जनसुनवाई के दौरान एक-एक मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक आवेदन पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखें और प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी करें।

यह जनसुनवाई कार्यक्रम बिहार सरकार की “7 निश्चय-3 : बढ़ेगा अपना बिहार” योजना के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” अभियान का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी और सुलभ मंच उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को विभिन्न कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो सके।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर समीक्षा भवन पहुंचे। प्राप्त आवेदनों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, भूमि से जुड़े विवाद, सरकारी योजनाओं के लाभ, विधि-व्यवस्था संबंधी शिकायतें, राजस्व मामलों सहित विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदन शामिल थे। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों की जानकारी उपलब्ध कराई, जबकि अन्य मामलों में आवश्यक जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और केवल औपचारिकता निभाने के बजाय उसका वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मामलों का निस्तारण तुरंत संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, जबकि जटिल मामलों में भी निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर आवेदकों को प्रगति की जानकारी दी जाए।

समाहरणालय में आयोजित इस मुख्य जनसुनवाई के साथ-साथ जिला, प्रखंड, अंचल, थाना और विभिन्न विभागीय कार्यालयों में भी “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत लोगों की शिकायतें सुनी गईं। संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए और समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए दूर-दराज की यात्रा न करनी पड़े और स्थानीय स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान शुरू हो सके।

प्रशासन की ओर से जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आने वाले प्रत्येक आवेदन का विधिवत पंजीकरण किया गया। सभी आवेदकों को प्राप्ति रसीद भी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकें। इससे शिकायतों के रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हुआ और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी रही।

आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न मूलभूत व्यवस्थाएं भी की गई थीं। समीक्षा भवन में आने वाले नागरिकों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई। इसके अलावा शुद्ध पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। इस पहल के माध्यम से सरकार नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे लोगों का विश्वास शासन व्यवस्था पर और अधिक मजबूत हो सके।

जिला प्रशासन का मानना है कि नियमित जनसुनवाई कार्यक्रमों से आम लोगों की समस्याओं की सही जानकारी मिलती है और विभागों को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार का अवसर मिलता है। कई बार ऐसे मामलों का समाधान भी संभव हो जाता है, जो लंबे समय से विभिन्न कारणों से लंबित रहते हैं। इसी कारण सरकार ने इस व्यवस्था को प्रशासनिक सुधार और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है।

अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी की जाएगी और संबंधित विभागों से समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट भी ली जाएगी। यदि किसी मामले में अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा जाएगा। इससे शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।

जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने भी इस व्यवस्था का स्वागत किया। कई नागरिकों ने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से अपनी समस्या रखना आसान हो गया। उनका मानना है कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहें तो लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समस्याओं का समाधान भी तेज गति से होगा।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित जनसुनवाई कार्यक्रमों का लाभ उठाएं और सही दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि संबंधित विभाग समय पर कार्रवाई कर सके। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन व्यवस्था स्थापित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

“सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के माध्यम से भागलपुर जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान, बेहतर प्रशासनिक सेवाओं और सुशासन की भावना को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। अधिकारियों का मानना है कि जनसुनवाई की यह व्यवस्था प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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