
- बबरगंज थाना पुलिस ने महमदाबाद रेलवे ढाल के पास से 10.17 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक शातिर तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
- गिरफ्तार रिशु कुमार बरारी के बड़ी खंजपुर का रहने वाला है, जो पुलिस गश्ती दल को देखकर भागने की कोशिश कर रहा था।
- पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 1361 रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जो नशे के व्यापार से जुड़े होने का प्रमाण हैं।
- एसएसपी भागलपुर के निर्देश पर शहर को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बबरगंज पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है।
- थानाध्यक्ष दिव्या कुमारी के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सूचना और मानवीय सक्रियता के आधार पर इस नशे के जाल को ध्वस्त किया है।
भागलपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।
सिल्क सिटी की गलियों में नशे का वार और खाकी का पलटवार
भागलपुर की पहचान जहाँ रेशमी वस्त्रों और गौरवशाली इतिहास से है, वहीं पिछले कुछ समय से नशे के सौदागरों ने इसकी गलियों में ‘सफेद जहर’ का जाल बिछाने की कोशिश की है। लेकिन पुलिस प्रशासन अब इन सौदागरों के मंसूबों को जड़ से उखाड़ने के लिए कटिबद्ध नजर आ रहा है। मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को बबरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने जो कार्रवाई की, वह इसी संकल्प का परिणाम है। महमदाबाद रेलवे ढाल, जो अपनी घनी आबादी और संकरी गलियों के लिए जाना जाता है, वहां ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की सूचना मिलना प्रशासन के लिए एक अलार्म की तरह था। नशे की यह पुड़िया केवल एक पाउडर नहीं, बल्कि शहर के दर्जनों युवाओं के भविष्य को निगलने वाला एक साइलेंट किलर है, जिसे समय रहते बबरगंज पुलिस ने पकड़ लिया।
गुप्त सूचना और एसएसपी की रणनीतिक व्यूह रचना
इस सफल ऑपरेशन की पटकथा उस समय लिखी गई जब वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर को एक विश्वसनीय सूत्र से यह जानकारी मिली कि महमदाबाद रेलवे ढाल के आसपास कोई युवक मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप को खपाने की फिराक में है। एसएसपी ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित करने का आदेश दिया। इस टीम की कमान बबरगंज थानाध्यक्ष दिव्या कुमारी को सौंपी गई। पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल तस्कर को पकड़ना था, बल्कि उसके पास मौजूद माल को बाजार में पहुँचने से पहले ही जब्त करना था, ताकि नशे की इस सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।
ऑपरेशन महमदाबाद: जब चैती दुर्गा स्थान के पास हुई घेराबंदी
जैसे ही गठित टीम महमदाबाद रेलवे ढाल के पास पहुँची, वहां का माहौल सामान्य था। लेकिन पुलिस के जवान सादे लिबास और सशस्त्र बल के साथ रणनीतिक मोर्चों पर तैनात हो चुके थे। इसी दौरान चैती दुर्गा स्थान के पास एक युवक संदिग्ध अवस्था में टहलता हुआ दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी और वर्दीधारी जवानों की आहट पाते ही उस युवक के चेहरे पर हवाईयां उड़ने लगीं। उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि पुलिस ने उसके भागने के सभी रास्तों को पहले ही ब्लॉक कर दिया था। थानाध्यक्ष दिव्या कुमारी के नेतृत्व में जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया। कुछ देर की मशक्कत और खदेड़ने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
बरामदगी का विवरण: जेब से निकला युवाओं की बर्बादी का सामान
पकड़े गए युवक की जब मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाशी ली गई, तो उसकी जेब से भूरे रंग का नशीला पदार्थ बरामद हुआ, जिसे ‘ब्राउन शुगर’ कहा जाता है। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर इसकी मात्रा 10.17 ग्राम पाई गई। मादक पदार्थों की दुनिया में यह मात्रा छोटी नहीं है; यह एक बड़ा स्टॉक है जिसे छोटे-छोटे पैकेटों में बांटकर युवाओं तक पहुँचाया जाना था। ब्राउन शुगर के साथ ही पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जो इस काले कारोबार के नेटवर्क की चाबी बन सकता है। इसके अलावा 1361 रुपये नगद भी बरामद हुए, जो संभवतः नशे की पिछली बिक्री से अर्जित किए गए थे।
अभियुक्त का परिचय: बड़ी खंजपुर का रिशु बना नशे का वाहक
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान रिशु कुमार के रूप में हुई है, जो बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजपुर का निवासी है। उसके पिता का नाम रामविचार यादव है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि बरारी का रहने वाला युवक बबरगंज के इस इलाके में ही क्यों सक्रिय था? क्या उसे यहाँ किसी स्थानीय ‘लाइनर’ का सहयोग मिल रहा था? रिशु कुमार के पुराने रिकॉर्ड्स को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि वह किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है या स्वतंत्र रूप से इस धंधे को अंजाम दे रहा था। उसके मोबाइल फोन की जांच से उन सभी संपर्कों का पता लगाया जा रहा है जिनसे वह पिछले कुछ दिनों से मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री को लेकर संवाद कर रहा था।
दिव्या कुमारी और उनकी टीम की पेशेवर कार्यकुशलता
इस छापामारी दल में थानाध्यक्ष दिव्या कुमारी के साथ पी०टी०सी० सुरेन्द्र सिंह और महिला सिपाही प्रियंका कुमारी शामिल थीं। एक चुनौतीपूर्ण इलाके में जहाँ रेलवे लाइन और संकरी गलियां अपराधियों को भागने में मदद करती हैं, वहां इस तरह की सफल गिरफ्तारी पुलिस की पेशेवर दक्षता को प्रमाणित करती है। महिला अधिकारियों के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने यह भी संदेश दिया है कि भागलपुर पुलिस हर मोर्चे पर सक्रिय है। टीम ने जिस तरह से सूचना को गुप्त रखा और सटीक समय पर हमला बोला, वह काबिले तारीफ है।
नशे का सामाजिक प्रभाव और पुलिस की चेतावनी
ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक मादक पदार्थों का प्रसार समाज के लिए एक कैंसर की तरह है। यह न केवल स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से भी बर्बाद कर देता है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महमदाबाद और आसपास के हॉट-स्पॉट पर भविष्य में भी ऐसी छापेमारी जारी रहेगी। शहर के उन सभी अड्डों को चिह्नित किया गया है जहाँ शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है। एसएसपी भागलपुर ने कड़ा संदेश दिया है कि जो कोई भी नशे के कारोबार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसकी संपत्ति की भी जांच की जा सकती है।
नशामुक्त भागलपुर का संकल्प
बबरगंज पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी नशे के सौदागरों के लिए एक बड़ा झटका है। 10.17 ग्राम ब्राउन शुगर की बरामदगी ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस का खुफिया तंत्र अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है। रिशु कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर उन ‘बड़े खिलाड़ियों’ पर है जो पर्दे के पीछे से इन युवाओं को नशे के कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की टीम प्रशासन की इस सफलता की सराहना करती है और यह उम्मीद करती है कि आने वाले समय में भागलपुर की गलियां नशे के अंधेरे से मुक्त होकर विकास की रोशनी से जगमगाएंगी।


