
भागलपुर में सोमवार को एक भावुक और गरिमामय माहौल देखने को मिला, जब निवर्तमान जिलाधिकारी के सम्मान में विदाई-सह-सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उनके स्थानांतरण के बाद आयोजित इस समारोह में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा जिला प्रशासन से जुड़े कई पदाधिकारियों ने भाग लिया। शहर के में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में डॉ. चौधरी के नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता, सरल व्यवहार और दूरदर्शी कार्यशैली की सराहना की।
समारोह में भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त , पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) भागलपुर प्रक्षेत्र, वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम केवल औपचारिक विदाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसे प्रशासक के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बना, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जिले में प्रशासनिक और विकासात्मक दोनों स्तरों पर गहरी छाप छोड़ी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने कहा कि डॉ. नवल किशोर चौधरी एक ऊर्जावान, कर्मठ और दूरदर्शी प्रशासक रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने भागलपुर को विकास और सुशासन की नई दिशा दी। उनके अनुसार किसी भी जिले के समग्र विकास में जिलाधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वही प्रशासनिक तंत्र को दिशा देने और योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की केंद्रीय कड़ी होते हैं।
आयुक्त ने कहा कि डॉ. चौधरी ने सरकार की योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया कि लाभ सीधे जनता तक पहुंचे। यही वजह रही कि भागलपुर ने कई जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता का आधार टीम वर्क होता है। डॉ. चौधरी की सबसे बड़ी विशेषता यही रही कि उन्होंने हमेशा अपनी पूरी टीम को साथ लेकर काम किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर के कर्मियों तक सभी के बीच संवाद और समन्वय की संस्कृति विकसित की। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ी बल्कि प्रशासनिक तंत्र अधिक उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बना।
प्रेम सिंह मीणा ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की सफलता केवल निर्णय लेने की क्षमता में नहीं, बल्कि टीम को प्रेरित करने और सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करने में भी निहित होती है। डॉ. चौधरी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सहयोग, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की मजबूत संस्कृति विकसित की। यही कारण रहा कि जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य भी अपेक्षाकृत सुचारु रूप से पूरे हुए।
समारोह के दौरान विभिन्न अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. नवल किशोर चौधरी का नेतृत्व केवल प्रशासनिक आदेशों तक सीमित नहीं था। वे हर मुद्दे को गहराई से समझने, उसका व्यावहारिक समाधान खोजने और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए जाने जाते थे। उनकी सूक्ष्म योजना और निर्णय क्षमता ने कई महत्वपूर्ण कार्यों को गति दी।
अधिकारियों ने विशेष रूप से उनकी जनसुनवाई व्यवस्था और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण की सराहना की। उनका मानना था कि किसी भी प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता का विश्वास होता है। डॉ. चौधरी ने आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान केंद्रित प्रशासनिक दृष्टिकोण अपनाया। इससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हुआ।
समारोह में वक्ताओं ने बिहार के व्यापक विकास पर भी चर्चा की। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि बिहार ने हाल के वर्षों में सड़क, बिजली, पेयजल, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब राज्य के सामने उद्योग, पर्यटन और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नई जिम्मेदारियों में भी डॉ. चौधरी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बताया गया कि नगर विकास एवं आवास विभाग तथा ऊर्जा विभाग में नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए डॉ. चौधरी अपने अनुभव और कार्यकुशलता से राज्य को नई दिशा देंगे। अधिकारियों ने कहा कि भागलपुर में उनके कार्यकाल का अनुभव भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों में उनके लिए मजबूत आधार बनेगा।
प्रेम सिंह मीणा ने समारोह में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से विशेष अपील की कि वे डॉ. चौधरी द्वारा स्थापित कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, जनसेवा की भावना, जवाबदेही और सामूहिक नेतृत्व जैसे मूल्यों को प्रशासनिक तंत्र में बनाए रखना बेहद आवश्यक है। बिहार को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सभी अधिकारी समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करेंगे।
विदाई समारोह के दौरान कई भावुक क्षण भी देखने को मिले। अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि डॉ. चौधरी हमेशा सहज, सरल और सहयोगी रहे। उनकी कार्यशैली ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया बल्कि लोगों के भीतर बेहतर काम करने की प्रेरणा भी जगाई।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नवल किशोर चौधरी सहित स्थानांतरित अधिकारियों को सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति चिह्न और सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किए गए। उपस्थित सभी लोगों ने उनके स्वस्थ, सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भागलपुर में आयोजित यह विदाई समारोह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक ऐसे अधिकारी के प्रति सम्मान का भाव था जिसने अपने कार्य, नेतृत्व और व्यवहार से जिले में स्थायी छाप छोड़ी। डॉ. नवल किशोर चौधरी का कार्यकाल यह संदेश देता है कि प्रभावी प्रशासन केवल नियमों और आदेशों से नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व, समन्वय और जनसेवा के समर्पण से स्थापित होता है। उनकी विदाई के साथ भागलपुर प्रशासन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ, लेकिन उनकी कार्यशैली और योगदान लंबे समय तक याद किए जाते रहेंगे।


