
भागलपुर में शनिवार को एक भावुक और गरिमामय माहौल देखने को मिला, जब जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी के सम्मान में विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। शहर के में आयोजित इस समारोह में प्रशासनिक, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में जिलाधिकारी के कार्यकाल, उनके नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता और प्रेरणादायी व्यक्तित्व की खुलकर सराहना की।
समारोह का माहौल शुरुआत से ही भावुक लेकिन सम्मानपूर्ण रहा। मंच पर उपस्थित अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि नवल किशोर चौधरी का कार्यकाल केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने टीम भावना, संवेदनशील नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के माध्यम से पूरे जिले को नई दिशा देने का काम किया। उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
विदाई समारोह में भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त , भागलपुर पूर्वीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक , वरीय पुलिस अधीक्षक , नवगछिया पुलिस अधीक्षक , नगर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा कहलगांव और नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ, अपर समाहर्ता, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क, सिविल सर्जन, जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए। बड़ी संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण थी कि जिलाधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक टीम के साथ मजबूत समन्वय स्थापित किया था।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में जिलाधिकारी की कार्यशैली को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि नवल किशोर चौधरी हमेशा सूक्ष्म योजना और समयबद्ध कार्य निष्पादन के लिए जाने जाते रहे। किसी भी परियोजना या प्रशासनिक चुनौती को वे केवल आदेश देने तक सीमित नहीं रखते थे, बल्कि स्वयं निगरानी कर सुनिश्चित करते थे कि कार्य प्रभावी ढंग से पूरा हो। यही उनकी सबसे बड़ी प्रशासनिक विशेषता रही।
अधिकारियों ने विशेष रूप से उनकी संकट प्रबंधन क्षमता की सराहना की। चाहे प्राकृतिक आपदा हो, कानून-व्यवस्था की चुनौती हो या विकास कार्यों की जटिलता—हर परिस्थिति में उन्होंने शांत, संतुलित और निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया। वक्ताओं ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनका निर्णय लेने का तरीका पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणास्रोत रहा।
संयुक्त निदेशक जनसंपर्क ने अपने संबोधन में कहा कि जिलाधिकारी की सबसे बड़ी ताकत उनकी संवेदनशीलता और संवाद क्षमता रही। उन्होंने कहा कि वे केवल प्रशासनिक प्रमुख नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक रहे जिन्होंने हर अधिकारी और कर्मचारी को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित किया।
सबौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, पीरपैंती के अंचलाधिकारी, वरीय जिला कोषागार पदाधिकारी और आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी हमेशा समस्याओं को जड़ से समझने का प्रयास करते थे और समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाते थे। यही कारण रहा कि उनके नेतृत्व में कई लंबित कार्य समय पर पूरे हो सके।
अपर समाहर्ता राजस्व, विधि-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जिला लोक शिकायत से जुड़े अधिकारियों ने भी कहा कि जिलाधिकारी ने हर विभाग को समान महत्व दिया। वे नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से सुनिश्चित करते थे कि कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। उनकी प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलन उन्हें अलग पहचान देता था।
नगर पुलिस अधीक्षक और नवगछिया पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी के समन्वय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल कायम रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संवेदनशील मामलों में उनका शांत लेकिन स्पष्ट नेतृत्व निर्णय लेने की प्रक्रिया को आसान बनाता था।
कार्यक्रम के दौरान कई अधिकारियों ने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे हर छोटे-बड़े अधिकारी की बात ध्यान से सुनते थे। किसी भी सुझाव या समस्या को वे गंभीरता से लेते थे और आवश्यक दिशा-निर्देश देते थे। इससे प्रशासनिक टीम के भीतर विश्वास और कार्यक्षमता दोनों मजबूत हुई।
समारोह में मौजूद अधिकारियों ने यह भी कहा कि नवल किशोर चौधरी ने भागलपुर के विकास को नई गति दी। बुनियादी ढांचे, जनसेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सुधार जैसे कई क्षेत्रों में उनके प्रयासों की छाप लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उनका कार्यकाल भागलपुर प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाएगा।
विदाई समारोह के दौरान भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले। कई अधिकारी और कर्मचारी अपने प्रिय प्रशासक को विदाई देते समय भावुक नजर आए। कार्यक्रम में सम्मान स्वरूप उन्हें स्मृति चिह्न और सम्मान-पत्र भेंट किए गए। उपस्थित लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित यह समारोह केवल औपचारिक विदाई नहीं था, बल्कि एक ऐसे प्रशासक के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव था जिसने अपने कार्य और व्यक्तित्व से जिले पर गहरी छाप छोड़ी। नवल किशोर चौधरी की विदाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रभावी प्रशासन केवल आदेशों से नहीं, बल्कि नेतृत्व, संवेदनशीलता और समर्पण से स्थापित होता है। उनका कार्यकाल आने वाले अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।


