
भागलपुर। रेशम नगरी भागलपुर के नागरिकों के लिए कानून और व्यवस्था के गलियारों से एक बड़ी और राहतकारी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आगामी 09 मई 2026 (शनिवार) को जिले में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्करों में फंसे हैं या जिनके ऊपर बैंक, बिजली, दीवानी या अन्य सुलह योग्य आपराधिक मामलों का बोझ है। भागलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इस बार एक अनूठी और विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत ट्रैफिक चालान के लंबित मामलों के निपटारे के लिए एक अलग ‘वॉर रूम’ तैयार किया गया है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और पुराने जुर्मानों के बोझ से आम आदमी को राहत देने के लिए इस बार ट्रैफिक चालान सेटलमेंट का केंद्र व्यवहार न्यायालय के बजाय शहर के ऐतिहासिक जिला स्कूल को बनाया गया है। शनिवार की सुबह से ही भागलपुर की सड़कों पर कानून का एक ऐसा चेहरा दिखाई देगा जो दंड देने के बजाय सुलह और समझौते के जरिए लोगों की मुश्किलों को कम करने का प्रयास करेगा।
ट्रैफिक चालान पर 50% की भारी छूट: जुर्मानों की ‘सेल’ का उठाएं लाभ
इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे बड़ी और आकर्षक विशेषता ‘वन टाइम ट्रैफिक चालान सेटलमेंट’ योजना है। अक्सर देखा जाता है कि हेलमेट न पहनने, ओवरस्पीडिंग या गलत पार्किंग के कारण लोगों के ऑनलाइन चालान कट जाते हैं, जो समय पर जमा न होने के कारण भारी अर्थदंड (पेनल्टी) और विलंबित शुल्क (लेट फी) के साथ एक बड़ी राशि में तब्दील हो जाते हैं। प्रशासन ने इस समस्या का समाधान करते हुए यह निर्णय लिया है कि 31 दिसंबर 2025 तक के जितने भी लंबित ट्रैफिक चालान के मामले हैं, उन पर सीधे तौर पर 50 प्रतिशत पेनल्टी की छूट दी जाएगी।
इतना ही नहीं, इस विशेष अभियान के तहत विलंबित शुल्क (लेट फी) और अतिरिक्त अर्थ दंड को भी पूरी तरह से माफ करने का प्रावधान किया गया है। इसका अर्थ यह है कि यदि आपका चालान पुराना है और उस पर लेट फी लगकर वह काफी बढ़ गया है, तो लोक अदालत के मंच पर आपको केवल मूल जुर्माने का आधा हिस्सा या निर्धारित राहतकारी राशि ही देनी होगी। यह उन वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी लाइफलाइन है जो कोर्ट के नोटिस के डर से अपने वाहनों का कागजात अपडेट नहीं करा पा रहे थे। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल सरकारी खजाने में राजस्व आएगा, बल्कि हजारों लोगों को कानूनी झमेलों से स्थायी मुक्ति भी मिलेगी।
जिला स्कूल भागलपुर: ट्रैफिक चालान निपटारे का नया ठिकाना
भीड़ प्रबंधन और सुगम प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इस बार एक बड़ा बदलाव किया है। सामान्य दीवानी और फौजदारी मामलों की सुनवाई तो भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव के व्यवहार न्यायालय परिसरों में ही होगी, लेकिन ट्रैफिक चालान से संबंधित सभी मामलों का निपटारा केवल जिला स्कूल, भागलपुर के परिसर में किया जाएगा। इसके लिए समय भी निर्धारित कर दिया गया है। जिला स्कूल में चालान सेटलमेंट की प्रक्रिया शनिवार की सुबह 10:00 बजे से ही शुरू हो जाएगी।
वहीं, अन्य नियमित मामलों की सुनवाई व्यवहार न्यायालय के तीनों परिसरों में पूर्वाह्न 10:30 बजे से प्रारंभ होगी। जिला स्कूल को इस कार्य के लिए चुनने के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह है कि वाहन मालिकों को कोर्ट की औपचारिकता और वहां की भीड़भाड़ से दूर एक खुले और सुलभ वातावरण में त्वरित न्याय मिल सके। वहां कई काउंटर लगाए जाएंगे जहाँ पुलिस पदाधिकारी और विधिक स्वयंसेवक मौजूद रहेंगे ताकि चालान की राशि का सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल पूरा किया जा सके। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार समय पर पहुँचें ताकि लंबी कतारों से बच सकें।
तैयारी और प्रक्रिया: अपने साथ रखें अद्यतन दस्तावेज
राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ‘त्वरित और आसान’ न्याय है। इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए वाहन मालिकों को कुछ बुनियादी नियमों का पालन करना होगा। लोक अदालत में अपने मामले के निष्पादन हेतु उपस्थित होने वाले लोगों को अपने वाहन से संबंधित सभी अद्यतन और स्पष्ट अभिलेख (Updated Documents) साथ रखने होंगे। इसमें वाहन का पंजीकरण कार्ड (RC), बीमा के कागजात, प्रदूषण प्रमाण पत्र और कटा हुआ चालान शामिल है। इन दस्तावेजों के आधार पर ही मौके पर मौजूद न्यायिक अधिकारी और संबंधित विभाग के प्रतिनिधि मामले का त्वरित निपटारा करेंगे।
भुगतान की प्रक्रिया को भी बेहद लचीला बनाया गया है। सेटलमेंट की निर्धारित राशि नकद (Cash) भी स्वीकार की जाएगी, जिससे उन लोगों को आसानी होगी जो डिजिटल भुगतान के झंझटों में नहीं पड़ना चाहते। मौके पर ही चालान के भुगतान की रसीद निर्गत की जाएगी और संबंधित मामले को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। इससे भविष्य में पुलिस चेकिंग के दौरान या वाहन के हस्तांतरण (Transfer) के समय आने वाली बाधाएं समाप्त हो जाएंगी। यह एक तरह से ‘हाथ के हाथ’ न्याय पाने की व्यवस्था है।
न्यायालय परिसरों में भी सजेगा न्याय का दरबार
जिला स्कूल के विशेष ट्रैफिक कैंप के अलावा, भागलपुर जिले के तीनों व्यवहार न्यायालय (मुख्यालय भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव) में सुलह योग्य मामलों की बड़ी संख्या में सुनवाई होगी। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बैंक ऋण से जुड़े मामले, बिजली बिल विवाद, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले और चेक बाउंस (NI Act) जैसे प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। इन अदालतों में दोनों पक्षों की सहमति से फैसले लिए जाते हैं, जिनकी अपील किसी भी उच्च न्यायालय में नहीं की जा सकती। इससे विवाद का हमेशा के लिए अंत हो जाता है और समय व धन की बचत होती है।
विधिक सेवा प्राधिकार ने अपील की है कि जिन लोगों को इस संबंध में नोटिस प्राप्त हुआ है या जिनका कोई मामला लंबित है, वे इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं। लोक अदालत में होने वाले फैसले को सिविल कोर्ट की डिक्री के बराबर मान्यता प्राप्त होती है। भागलपुर जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति संख्या 1676 के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि वे न्याय को जनता के द्वार तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 9 मई का यह शनिवार भागलपुर के लोगों के लिए केवल एक तारीख नहीं, बल्कि अपने माथे से कानूनी कलंक को धोने और एक नई शुरुआत करने का दिन साबित होगा। यदि आप भी अपने पुराने ट्रैफिक चालान या किसी अन्य विवाद से परेशान हैं, तो शनिवार सुबह जिला स्कूल या व्यवहार न्यायालय पहुँचकर इस अवसर का लाभ उठाना न भूलें।


