बिहार में 1 जून से महंगा होगा बस सफर: परिवहन विभाग ने बढ़ाया किराया, नई दरों के साथ लागू होंगे सख्त नियम

पटना, 30 मई 2026। बिहार में बस से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने यात्री बसों के किराए में वृद्धि करने का फैसला लिया है, जिसके बाद 1 जून 2026 से बस यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो जाएगी। नई किराया दरों को लेकर विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है और सभी बस संचालकों को इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार राज्य में डीजल की बढ़ती कीमतों, वाहन रखरखाव पर बढ़ते खर्च और संचालन लागत में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई दरें साधारण बसों के साथ-साथ डीलक्स, सेमी डीलक्स और वातानुकूलित बसों पर भी लागू होंगी। परिवहन विभाग का कहना है कि किराया संशोधन का उद्देश्य बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाए रखना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना है।

10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया किराया

परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न श्रेणियों की यात्री बसों के किराए में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो रोजाना या नियमित रूप से बसों के माध्यम से एक जिले से दूसरे जिले तक यात्रा करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ईंधन, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया संशोधन की मांग कर रहे थे। विभाग ने सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद नई दरों को मंजूरी दी है।

हालांकि किराया बढ़ने से आम यात्रियों के मासिक खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, विशेष रूप से उन लोगों पर जो नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा या अन्य कार्यों के लिए प्रतिदिन बस यात्रा करते हैं।

साधारण बसों के लिए जारी हुई नई किराया दरें

नई अधिसूचना के तहत साधारण बसों के किराए में सबसे पहले बदलाव लागू किया जाएगा। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब 50 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को प्रति किलोमीटर 1.73 रुपये का भुगतान करना होगा। इससे पहले यह दर 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर थी।

इसी प्रकार 100 किलोमीटर तक की दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए नई दर 1.71 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है। वहीं 300 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा के लिए प्रति किलोमीटर 1.65 रुपये का किराया तय किया गया है।

परिवहन विभाग का कहना है कि दूरी के अनुसार किराया संरचना को संतुलित रखने का प्रयास किया गया है ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर अपेक्षाकृत कम अतिरिक्त भार पड़े।

डीलक्स, सेमी डीलक्स और एसी बसों का सफर भी महंगा

साधारण बसों के अलावा डीलक्स, सेमी डीलक्स और वातानुकूलित बसों के किराए में भी संशोधन किया गया है। हालांकि अलग-अलग रूट और दूरी के आधार पर अंतिम किराया सूची आने वाले दिनों में जारी की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार एसी और प्रीमियम श्रेणी की बसों के संचालन में खर्च अधिक आता है। ईंधन, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, रखरखाव और अन्य तकनीकी सुविधाओं के कारण इन बसों की लागत साधारण बसों की तुलना में अधिक होती है। इसी वजह से इनके किराए में भी वृद्धि की गई है।

यात्रियों को अब लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि परिवहन विभाग का दावा है कि नई दरें संतुलित और व्यावहारिक हैं।

बसों में लगाना होगा नया किराया चार्ट

यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को नया किराया चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। आदेश के अनुसार बस स्टैंडों और प्रत्येक बस में संशोधित किराया सूची स्पष्ट रूप से लगाई जाएगी।

इसका उद्देश्य यात्रियों और बस संचालकों के बीच किराए को लेकर होने वाले विवादों को रोकना है। कई बार यात्रियों को वास्तविक किराए की जानकारी नहीं होने के कारण अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। नई व्यवस्था के बाद यात्रियों को किराया सूची देखकर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।

विभाग ने यह भी कहा है कि किराया सूची ऐसी जगह लगाई जाए जहां यात्रियों को आसानी से दिखाई दे सके।

मनमाना किराया वसूला तो होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग ने किराया वृद्धि के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को भी सख्त करने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन और परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई दरों का पालन सुनिश्चित करें।

यदि कोई बस संचालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और अन्य कानूनी प्रावधान शामिल हो सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों से शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले बस मालिकों और संचालकों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बसों के अवैध ठहराव पर भी सख्ती

नई अधिसूचना में केवल किराया वृद्धि ही नहीं, बल्कि बस संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अन्य निर्देश भी शामिल किए गए हैं। इनमें बसों के ठहराव को लेकर विशेष सख्ती बरतने की बात कही गई है।

अब बसों को केवल निर्धारित बस स्टैंडों पर ही यात्रियों को चढ़ाने और उतारने की अनुमति होगी। सड़क किनारे, बाजारों या सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत रूप से बस रोकने पर कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग का मानना है कि इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। साथ ही शहरों और कस्बों में लगने वाले अनावश्यक जाम की समस्या को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

ओवरलोडिंग के खिलाफ चलेगा अभियान

बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की समस्या लंबे समय से सामने आती रही है। इसे देखते हुए विभाग ने ओवरलोडिंग के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

अधिसूचना के अनुसार यदि कोई बस निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चलती है तो बस मालिक और चालक दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित जांच अभियान चलाए जाएंगे।

विशेष रूप से त्योहारों, छुट्टियों और भीड़भाड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।

अगले कुछ दिनों में जारी होगा रूटवार किराया

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि राज्य के विभिन्न रूटों के लिए संशोधित किराया सूची तैयार की जा रही है। अगले दो से चार दिनों के भीतर सभी प्रमुख मार्गों का नया किराया तय कर दिया जाएगा।

इसके बाद जिला स्तर पर संबंधित बस स्टैंडों और परिवहन कार्यालयों को नई सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। 1 जून से राज्यभर में नई व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी और सभी बस संचालकों को इसका पालन करना होगा।

यात्रियों पर बढ़ेगा खर्च, लेकिन व्यवस्था सुधारने का दावा

नई किराया दरों के लागू होने के बाद निश्चित रूप से लाखों यात्रियों के यात्रा खर्च में बढ़ोतरी होगी। विशेष रूप से दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को इसका सीधा असर महसूस हो सकता है।

हालांकि परिवहन विभाग का दावा है कि किराया वृद्धि के साथ-साथ बस संचालन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा। अवैध ठहराव पर रोक, ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई और किराया चार्ट की अनिवार्यता जैसे कदम यात्रियों के हित में उठाए गए हैं।

अब 1 जून से नई किराया व्यवस्था लागू होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका असर यात्रियों, बस संचालकों और राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर किस प्रकार पड़ता है।

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