
भागलपुर, 19 मई 2026: बिहार सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे “सहयोग शिविर” अभियान के तहत मंगलवार को भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ममलखा पंचायत में एक बड़े जनसुनवाई और जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में बिहार सरकार के नगर आवास एवं विकास विभाग तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
ममलखा पंचायत में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना, सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। सुबह से ही पंचायत परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल पर लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और अधिकारियों से सीधे संवाद किया।
कार्यक्रम में पहुंचे प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार गांव और पंचायत स्तर तक विकास योजनाओं को पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय या सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी सोच के तहत पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का काम सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करना भी है।
शिविर के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने सड़क, आवास, राशन कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और बिजली जैसी समस्याओं को मंत्री के सामने रखा।
कार्यक्रम में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, भागलपुर सांसद अजय मंडल, नाथनगर विधायक मिथुन यादव और डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह सहित कई प्रशासनिक और राजनीतिक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अलग-अलग विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और लोगों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक सुरक्षा योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, शिक्षा, आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, किसान योजनाएं और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए।
प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि अन्य समस्याओं पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने लोगों को सरकारी योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता के बारे में भी जानकारी दी।
भागलपुर सांसद अजय मंडल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गांव स्तर तक विकास पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों से जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम होती है। लोगों को अपनी समस्या सीधे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखने का मौका मिलता है, जिससे समाधान की प्रक्रिया तेज होती है।
नाथनगर विधायक मिथुन यादव ने भी शिविर को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह के आयोजन से आम लोगों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन खुद गांव तक पहुंच रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लें और समय पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह है और इसी भावना के साथ काम किया जा रहा है।
शिविर में पहुंचे फरियादियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने कहा कि गांव में इस तरह का शिविर लगने से उन्हें काफी सुविधा हुई है। अशोक मंडल नामक एक फरियादी ने कहा कि पहले छोटी समस्याओं के लिए भी ब्लॉक और जिला कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकारी खुद गांव में आकर सुनवाई कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की अच्छी पहल बताया।
एक अन्य फरियादी नीरज मल्होत्रा ने कहा कि लोगों को सीधे मंत्री और अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलना बड़ी बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिन समस्याओं को लेकर आवेदन दिया गया है, उनका जल्द समाधान होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई लोग सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी से वंचित हैं। ऐसे शिविरों के जरिए लोगों को न सिर्फ योजनाओं की जानकारी मिलती है, बल्कि आवेदन और लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे सहयोग शिविर प्रशासनिक व्यवस्था को जनता के करीब लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे सरकार और ग्रामीणों के बीच संवाद मजबूत होता है और लोगों में सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ता है।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। शिविर में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई लोग सुबह से ही अपनी समस्या लेकर लाइन में खड़े नजर आए।
ममलखा पंचायत में आयोजित यह सहयोग शिविर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह नियमित रूप से पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित होते रहें, तो ग्रामीण इलाकों की कई समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हो सका है, उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं सरकार इस मॉडल को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है ताकि हर पंचायत स्तर तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।


