भागलपुर में हाईटेंशन तार की चपेट में आई किशोरी, डेढ़ साल से खेत में गिरा पड़ा था 33 हजार वोल्ट का तार

भागलपुर: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड से बिजली विभाग की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। मसदी पंचायत के शिवनंदनपुर विंद टोला स्थित बहियार में खेत के बीच लंबे समय से गिरे पड़े हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक 14 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि लगभग डेढ़ साल से 33 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार खेत में लावारिस स्थिति में पड़ा था, जिसकी कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

घटना के बाद घायल किशोरी को तत्काल इलाज के लिए सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल किशोरी की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

खेत में गिरा था हाईटेंशन तार

यह घटना सुल्तानगंज प्रखंड के मसदी पंचायत वार्ड नंबर आठ स्थित शिवनंदनपुर विंद टोला के बहियार की है। ग्रामीणों के अनुसार इलाके में 33 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार करीब डेढ़ साल पहले टूटकर खेत में गिर गया था।

ग्रामीणों का कहना है कि तार टूटने के बाद से ही यह क्षेत्र खतरे का केंद्र बना हुआ था। खेतों में काम करने वाले किसानों और गांव के लोगों को हमेशा हादसे का डर बना रहता था। इसके बावजूद बिजली विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग को कई बार लिखित आवेदन देकर तार हटाने और मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

किशोरी गंभीर रूप से झुलसी

घायल किशोरी की पहचान वीणा कुमारी के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 14 वर्ष बताई जा रही है। वह शिवनंदनपुर गांव निवासी चमन बिंद की पुत्री है।

बताया जा रहा है कि किशोरी बहियार की ओर गई थी, तभी वह हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई। बिजली प्रवाहित तार के संपर्क में आते ही वह गंभीर रूप से झुलस गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और किसी तरह किशोरी को वहां से हटाया गया।

आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने गंभीर रूप से घायल वीणा कुमारी को तत्काल सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद गंभीर बताई।

डॉक्टरों के अनुसार किशोरी के शरीर पर गंभीर जलन के निशान पाए गए। स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज रेफर कर दिया गया।

फिलहाल मायागंज अस्पताल में उसका इलाज जारी है और परिवार के लोग उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश

घटना के बाद गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विभाग समय रहते तार की मरम्मत कर देता, तो यह हादसा नहीं होता।

मसदी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुभाष यादव ने कहा कि डेढ़ साल से खेत में हाईटेंशन तार गिरा पड़ा था और ग्रामीण लगातार विभाग को इसकी जानकारी देते रहे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों ने कई बार जांच भी की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।

उनका आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण आज एक मासूम लड़की जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।

“हर दिन बना रहता था खतरा”

ग्रामीणों के अनुसार खेत में गिरे हाईटेंशन तार के कारण पूरे इलाके में हमेशा डर का माहौल रहता था। किसान खेती करने जाते समय सावधानी बरतते थे और बच्चों को उस क्षेत्र में जाने से रोका जाता था।

लोगों का कहना है कि कई बार छोटे हादसे भी हो चुके थे, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि बरसात और नमी के समय खतरा और अधिक बढ़ जाता था, क्योंकि बिजली का करंट खेतों में फैल सकता था।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है।

ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे इलाके में बिजली के जर्जर तारों और खंभों की तत्काल जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

गांव में पसरा चिंता का माहौल

वीणा कुमारी के घायल होने के बाद पूरे गांव में चिंता और तनाव का माहौल है। परिजन और ग्रामीण लगातार अस्पताल से उसकी हालत की जानकारी ले रहे हैं।

गांव के लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की अनदेखी ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। कई ग्रामीणों ने कहा कि गरीब परिवारों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ती है।

बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद इलाके की बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली के तार और पोल अक्सर खराब स्थिति में रहते हैं, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं की जाती।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाईटेंशन तारों से जुड़ी लापरवाही बेहद खतरनाक हो सकती है। अगर ऐसे तार खुले या टूटे हुए पड़े रहें, तो बड़े हादसे हो सकते हैं।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी बिजली तारों की वजह से छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठाया।

लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी केवल जांच कर लौट जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि गांव और बहियार क्षेत्रों में गिरे या झुके तारों की तत्काल मरम्मत की जाए। साथ ही हाईटेंशन लाइनों के आसपास सुरक्षा संकेतक और निगरानी बढ़ाने की भी मांग की गई है।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

मायागंज अस्पताल में चल रहा इलाज

फिलहाल घायल वीणा कुमारी का इलाज भागलपुर के मायागंज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

परिवार के लोग अस्पताल में मौजूद हैं और बेटी के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। वहीं गांव के लोग भी इस घटना के बाद बेहद दुखी और नाराज दिखाई दे रहे हैं।

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