भागलपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी से जबरदस्ती के मामले में पुलिस थानों की लापरवाही सामने आई है। घटना के बाद परिजन जब आरोपी को पकड़कर कोतवाली थाना लेकर पहुंचे, तो वहां की पुलिस ने यह कहकर मामले को टाल दिया कि घटना इशाकचक थाना क्षेत्र की है और उन्हें वहीं जाना चाहिए।
परिजन जब पीड़िता को लेकर इशाकचक थाना पहुंचे, तो वहां की पुलिस ने दोबारा उन्हें कोतवाली भेज दिया। जब केस दर्ज कराने की बात आई तो कोतवाली पुलिस ने यह कहकर टालमटोल किया कि किशोरी बरामद हो गई है, लिहाज़ा एक लिखित बयान दे दें कि वे लड़की को लेकर जा रहे हैं, अन्यथा केस दर्ज कराने पर बार-बार दौड़ लगानी पड़ेगी। इस डर से परिजनों ने लिखित बयान दे दिया।
मामले की जानकारी जब वरीय अधिकारियों को मिली, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और पीड़िता को महिला थाना भेजा गया। एसपी सिटी शुभांक मिश्रा ने कहा, “थानों को टालमटोल नहीं करना चाहिए। पीड़िता को महिला थाना भेजा गया है, जहां बयान लेकर केस दर्ज किया जाएगा और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


