विक्रमशिला सेतु बाधित होने के बीच बड़ी राहत, बरारी घाट से महादेवपुर घाट तक निःशुल्क नाव सेवा जारी; किराया वसूली पर होगी कार्रवाई

भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत और बेली ब्रिज निर्माण कार्य के कारण प्रभावित आवागमन के बीच भागलपुर जिला प्रशासन ने आम लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बरारी घाट से महादेवपुर घाट और महादेवपुर घाट से बरारी घाट तक निःशुल्क नाव सेवा का संचालन लगातार जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों और मोटरसाइकिल चालकों से किसी भी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा। यदि कोई नाविक यात्रियों से पैसे की मांग करता है या वसूली करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को दें। इसके साथ ही अवैध रूप से नाव संचालन करने वाले नाविकों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।

विक्रमशिला सेतु प्रभावित होने के बाद शुरू की गई विशेष व्यवस्था

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और उत्तर बिहार के कई क्षेत्रों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। लाखों लोगों को रोजमर्रा की यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के रूप में नाव सेवा को और अधिक व्यवस्थित एवं सुलभ बनाया है।

बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच गंगा नदी के रास्ते संचालित की जा रही यह सेवा हजारों लोगों के लिए राहत का माध्यम बन चुकी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए नाव संचालन की पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।

यात्रियों और मोटरसाइकिल चालकों से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नाव सेवा पूरी तरह निःशुल्क है। नाव से यात्रा करने वाले यात्रियों और मोटरसाइकिलों के परिवहन के बदले प्रशासन की ओर से नाविकों को निर्धारित भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है।

यानी यात्रियों को किसी भी प्रकार का किराया देने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के दौरान लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा नाविकों को भुगतान की व्यवस्था पहले से निर्धारित है, इसलिए किसी भी यात्री से पैसे लेने का कोई औचित्य नहीं है।

किराया मांगने वाले नाविकों पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई नाविक यात्रियों से पैसे की मांग करता है या जबरन किराया वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए बरारी घाट पर विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यात्री अपनी शिकायत सीधे नियंत्रण कक्ष में दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित नाविक के खिलाफ जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में यात्रियों से पैसे मांगने की सूचनाएं मिली थीं, जिसके बाद निगरानी और सख्त कर दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी सुविधा का लाभ आम लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

केवल पंजीकृत और सुरक्षित नावों को संचालन की अनुमति

जिला प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केवल उन्हीं नावों को संचालन की अनुमति दी है जो तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हैं।

अधिकारियों के अनुसार कई नावों का पंजीकरण पहले ही किया जा चुका है और वे नियमित रूप से यात्रियों को सेवा प्रदान कर रही हैं। इन नावों की क्षमता, निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच के बाद ही उन्हें संचालन की मंजूरी दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन नावों की स्थिति सुरक्षित नहीं है या जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अवैध नाव संचालन पर भी प्रशासन की नजर

जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि कुछ नाविकों द्वारा बिना अनुमति और बिना पंजीकरण के नाव संचालन करने की आशंका बनी हुई है। ऐसे नाविकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे या नियमों का उल्लंघन कर नाव चलाता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आम लोगों से भी सहयोग मांगा गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी अवैध नाव संचालन की जानकारी मिलती है तो वे इसकी सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर प्रशासन सतर्क

जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ भ्रामक और आधारहीन सूचनाओं पर भी चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से गलत और मनगढ़ंत जानकारी प्रसारित कर रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार इस प्रकार की अफवाहें आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं और कानून-व्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं। इसलिए ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि तथ्यहीन जानकारी फैलाने वाले लोगों के खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

नियंत्रण कक्ष कर रहा है लगातार निगरानी

बरारी घाट पर स्थापित नियंत्रण कक्ष पूरे नाव संचालन तंत्र की निगरानी कर रहा है। यहां तैनात अधिकारी यात्रियों की समस्याएं सुन रहे हैं और शिकायतों का त्वरित समाधान कर रहे हैं।

नियंत्रण कक्ष का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा नावों की आवाजाही, सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति या शिकायत की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी नाविक को किराया न दें। यदि कोई व्यक्ति पैसे मांगता है तो उसकी जानकारी तुरंत नियंत्रण कक्ष को दें।

इसके अलावा प्रशासन ने यात्रियों से यह भी कहा है कि वे केवल पंजीकृत और अधिकृत नावों का ही उपयोग करें तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

अधिकारियों का मानना है कि प्रशासन और आम जनता के सहयोग से ही इस व्यवस्था को सफल बनाया जा सकता है।

राहत का बड़ा माध्यम बनी नाव सेवा

विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के दौरान बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच शुरू की गई निःशुल्क नाव सेवा हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही है। प्रतिदिन छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और अन्य यात्री इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि जब तक आवश्यक होगा, यह व्यवस्था जारी रहेगी और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान सुरक्षित, पारदर्शी और निःशुल्क परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है ताकि विक्रमशिला सेतु की मरम्मत अवधि के दौरान आम जनता को राहत मिलती रहे।

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