सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से मारी टक्कर, इलाज के दौरान चालक की मौत; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

भागलपुर/बांका। बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के एक ट्रक चालक की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने से परिवार में मातम छा गया है। हादसे के बाद कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाले चालक ने आखिरकार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान बेलहर थाना क्षेत्र के तेलडीहा गांव निवासी नंदलाल साह के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जा रहा है कि नंदलाल साह पेशे से ट्रक चालक थे और अपने परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और फरार ट्रक चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

काम के सिलसिले में निकले थे घर से

परिजनों के अनुसार नंदलाल साह अपने पेशे के तहत नियमित रूप से ट्रक चलाते थे। बीते 29 मई को भी वह गिट्टी लोड कर निर्धारित स्थान की ओर जा रहे थे। रोज की तरह उन्होंने अपना वाहन लेकर यात्रा शुरू की थी और उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार नंदलाल अपने व्यवहार और मेहनती स्वभाव के कारण क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। वह लंबे समय से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हुए थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे थे।

सड़क किनारे खड़े ट्रक में मारी जोरदार टक्कर

जानकारी के मुताबिक यात्रा के दौरान नंदलाल साह ने सराय किला क्षेत्र के समीप एक पेट्रोल पंप के पास अपना ट्रक खड़ा किया था। बताया जाता है कि वह उस समय ट्रक के भीतर ही बैठे हुए थे।

इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक अन्य ट्रक ने उनके वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि खड़ा ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और नंदलाल गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल चालक को वाहन से बाहर निकालने का प्रयास किया।

दुर्घटना के बाद फरार हुआ चालक

हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह तेज गति से वाहन लेकर भाग निकला।

इस घटना से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि चालक जिम्मेदारी दिखाते हुए रुक जाता और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद करता तो शायद स्थिति कुछ और हो सकती थी।

फिलहाल पुलिस फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल नंदलाल साह को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें बेलहर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया।

हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया।

परिजन और स्थानीय लोग उन्हें लेकर भागलपुर पहुंचे, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया।

कई दिनों तक चला इलाज

मायागंज अस्पताल में चिकित्सकों ने नंदलाल साह को बचाने का हरसंभव प्रयास किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी।

परिवार के लोग अस्पताल में दिन-रात उनकी देखभाल में जुटे रहे। सभी को उम्मीद थी कि वह स्वस्थ होकर वापस घर लौटेंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

इलाज के दौरान उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों द्वारा मृत्यु की पुष्टि किए जाने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

मौत की खबर से गांव में शोक

जैसे ही नंदलाल साह की मौत की सूचना उनके गांव तेलडीहा पहुंची, पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे और परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास करने लगे।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि नंदलाल घर के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। ऐसे में उनकी मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तर पर गहरा झटका दिया है।

ग्रामीणों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नंदलाल मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जिनकी असमय मौत से पूरे गांव को क्षति पहुंची है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर तेज रफ्तार और असावधानी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।

अक्सर देखा जाता है कि चालक थकान, लापरवाही या तेज गति के कारण वाहन पर नियंत्रण खो देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर हादसे सामने आते हैं। कई मामलों में दुर्घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार भी हो जाते हैं।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और बेहतर निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

पुलिस कर रही मामले की जांच

दुर्घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और फरार चालक की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

संभावना जताई जा रही है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी चालक तक पहुंचा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की क्या भूमिका रही।

परिवार को न्याय का इंतजार

नंदलाल साह की मौत के बाद परिवार अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। परिजनों का कहना है कि दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।

गांव के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए। फिलहाल परिवार अपने प्रिय सदस्य को खोने के गम से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन घर के मुखिया की अचानक मौत ने उनके जीवन में एक ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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