बकरीद से पहले भागलपुर प्रशासन अलर्ट मोड में, सुरक्षा से लेकर सफाई तक हर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश

भागलपुर में आगामी ईद-उल-अजहा यानी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अफवाह या सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए रविवार को समीक्षा भवन में जिला शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह जिला पदाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने की, जबकि प्रशासनिक और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में जिला शांति समिति के सदस्यों ने शहर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, बिजली, ट्रैफिक नियंत्रण और कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निष्पादन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। समिति के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की कि नमाज स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाए ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव कराने की भी बात कही गई ताकि संक्रमण और गंदगी की समस्या को रोका जा सके।

शांति समिति की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि जिन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचते हैं, वहां पर्याप्त पुलिस बल और नियमित गश्ती की व्यवस्था की जाए। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि त्योहार के दौरान शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है ताकि किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल खराब करने का मौका न मिले।

बैठक के दौरान महर्षि मेंही आश्रम के समीप सड़क पर झूल रहे बिजली तारों का मुद्दा भी उठाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि त्योहार के समय उस रास्ते से भारी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, ऐसे में बिजली के तारों की खराब स्थिति दुर्घटना का कारण बन सकती है। इस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए शहरी विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को तारों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।

त्योहार के दौरान पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रशासन ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने पीएचईडी विभाग को निर्देश दिया है कि नमाज स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पानी के टैंकर लगाए जाएं ताकि लोगों को गर्मी के बीच किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा नगर निगम को कुर्बानी स्थलों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता होगी और इसके लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।

बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि त्योहार से पहले और त्योहार के दौरान गहन वाहन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, बिना वैध कागजात या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन का मानना है कि सख्ती से जांच अभियान चलाने से अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

इसके अलावा शहर के होटलों, लॉज और रेस्ट हाउस की जांच को भी अनिवार्य बनाया गया है। प्रशासन ने निर्देश दिया कि सभी होटल संचालक अपने यहां ठहरने वाले लोगों की पहचान और सत्यापन सुनिश्चित करें। यहां तक कि यदि कोई रेस्टोरेंट या व्यवसायिक प्रतिष्ठान नए कर्मचारियों को काम पर रखता है, तो उनका कैरेक्टर वेरिफिकेशन भी करवाना होगा। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह कदम बेहद जरूरी है।

बैठक को संबोधित करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस विभाग ने पहले से ही शहर के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर ली है। इन इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और नमाज के समय विशेष गश्ती अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर में मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग टीम सक्रिय है, लेकिन बकरीद को देखते हुए एक अतिरिक्त पेट्रोलिंग टीम भी बनाई जाएगी ताकि हर इलाके में लगातार निगरानी रखी जा सके।

सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर भी प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया। नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगी। यदि कोई भ्रामक पोस्ट, अफवाह या भड़काऊ सामग्री सामने आती है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें और अगर कोई संदिग्ध संदेश मिले तो सीधे पुलिस को सूचित करें।

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विवाद या घटना की स्थिति में लोग खुद फैसला लेने की कोशिश न करें, बल्कि प्रशासन और पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को मजबूत बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और जब लोग प्रशासन का सहयोग करेंगे तभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकेगा।

बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने पिछले वर्षों में शांति समिति और आम नागरिकों के सहयोग की भी सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर में अब तक विभिन्न धार्मिक और सामाजिक पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाए जाते रहे हैं और उम्मीद है कि इस बार भी लोग उसी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासन को जो भी सुझाव मिले हैं, उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय राकेश कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और जिला शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का भरोसा दिलाया।

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