
नाथनगर (भागलपुर)।किशनपुर बाईपास से सटे बेलसिरा मोड़ स्थित 16 कट्ठा बेशकीमती जमीन पर कब्जे को लेकर छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई अब कानूनी दांव-पेच में उलझ गई है। रविवार को हुई कई राउंड फायरिंग के मामले में मधुसूदनपुर थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस FIR दर्ज कराई है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में एक तरफ नाथनगर विधायक मिथुन यादव के बड़े भाई का नाम है, तो दूसरी तरफ प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल समेत 13 लोग नामजद किए गए हैं।
दो पक्षों की शिकायत: कौन-कौन हुआ नामजद?
पुलिस ने दोनों गुटों की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पक्ष | मुख्य आरोपी | अन्य नामजद | आरोप |
|---|---|---|---|
प्रथम पक्ष (रंजन यादव की शिकायत) | दुर्गा दयाल (प्रखंड प्रमुख) | गुलशन यादव, छोटू यादव, जितेंद्र उर्फ बूच्चल, साजन, भूदेव, झिंगला यादव सहित 13 | हथियार लेकर आना, गाली-गलौज करना और विरोध करने पर फायरिंग करना। |
द्वितीय पक्ष (पिंकी देवी की शिकायत) | धर्मेंद्र यादव उर्फ नाटो (विधायक के भाई) | दीपक कुमार, परमानंद यादव और तूफानी यादव | पति (झिंगला) को फंसाना, मारपीट करना, ₹21 हजार और सोने की चेन छीनना। |
झिंगला की गिरफ्तारी और ‘फंसाने’ का दावा
हथियार के साथ रंगे हाथ पकड़े गए सुबोध उर्फ झिंगला यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हालांकि, उसकी पत्नी पिंकी देवी ने पुलिसिया कार्रवाई और विधायक गुट पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
- हथियार प्लांट करने का आरोप: पिंकी देवी का दावा है कि आरोपियों ने एकमत होकर उसके पति के हाथ में अवैध हथियार थमा दिया और उसे बातचीत में फंसाकर मारपीट की।
- लूटपाट की शिकायत: आवेदन के अनुसार, झिंगला से ₹21,000 नकद और सोने की चेन भी छीन ली गई।
- FIR में जमीन का जिक्र नहीं: दिलचस्प बात यह है कि पिंकी देवी ने शुरुआत में करोड़ों की जमीन को लेकर दबाव बनाने की बात कही थी, लेकिन औपचारिक FIR में जमीन विवाद का उल्लेख नहीं है, जिससे आवेदन लिखवाने के पीछे किसी बाहरी दबाव की आशंका जताई जा रही है।
बयानों की ‘जंग’: भूमाफिया कौन?
घटना के बाद दोनों पक्षों के नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं:
विधायक मिथुन यादव का पक्ष: भागने के दौरान झिंगला का हथियार और गोली जमीन पर गिर गई थी, जिसे उठाकर स्थानीय लोगों ने हमें दिया और हमने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल का पक्ष: विधायक के मोबाइल का CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) देखा जाए, तो साफ हो जाएगा कि असली भूमाफिया कौन है। वीडियो में विधायक और उनके भाई साफ नजर आ रहे है।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच
सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों की FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब वायरल वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी बिंदुओं की जांच कर रही है। डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जमीन की कीमत करोड़ों में होने के कारण इस विवाद के और गहराने की आशंका है। पुलिस के लिए चुनौती यह है कि वह वीडियो साक्ष्यों और FIR में किए गए दावों के बीच के विरोधाभास को सुलझाए।


