
पटना | बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, संपत्ति और व्यक्तिगत प्रोफाइल को लेकर भी चर्चा में है। बीजेपी ने अंतिम समय में नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया, जो चुनावी हलफनामे के अनुसार प्रमुख प्रत्याशियों में सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवार हैं।
नीरज सिन्हा के पास न कार, न हथियार
नामांकन के साथ दाखिल शपथपत्र के मुताबिक नीरज कुमार सिन्हा के पास:
- कुल 12.18 लाख रुपये की चल संपत्ति है।
- 8 लाख रुपये की अचल संपत्ति घोषित की गई है।
- नकद सिर्फ 70 हजार रुपये हैं।
- उनके नाम कोई निजी वाहन नहीं है।
- कोई लाइसेंसी हथियार भी नहीं है।
- उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
मैट्रिक के 12 साल बाद पूरी की ग्रेजुएशन
नीरज कुमार सिन्हा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हलफनामे के अनुसार:
- 2012 में मैट्रिक परीक्षा पास की।
- 2024 में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
- यानी मैट्रिक के बाद स्नातक पूरा करने में करीब 12 साल लगे।
प्रशांत किशोर सबसे अमीर उम्मीदवार
संपत्ति के मामले में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर सबसे आगे हैं। उनके हलफनामे के अनुसार:
- करीब 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति।
- लगभग 23.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति।
- इस तरह वे चुनाव लड़ रहे प्रमुख उम्मीदवारों में सबसे अधिक संपत्ति वाले प्रत्याशी हैं।
बीजेपी का कायस्थ समीकरण पर दांव
बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। पूर्व विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार ‘बंटी’ को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन नामांकन वापस लेने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी ने कायस्थ वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए नीरज सिन्हा को टिकट दिया है, क्योंकि बांकीपुर क्षेत्र में इस समुदाय का प्रभाव माना जाता है।
दिलचस्प मुकाबले पर टिकी नजरें
बांकीपुर उपचुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। एक ओर करोड़ों की संपत्ति वाले प्रशांत किशोर हैं, तो दूसरी ओर सीमित संसाधनों वाले बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता उम्मीदवार की सादगी, राजनीतिक अनुभव और पार्टी के प्रदर्शन में किसे प्राथमिकता देते हैं।


