बिहार में हैरान करने वाली चोरी: 11 हजार वोल्ट की चालू लाइन से 13.2 किमी बिजली तार गायब, विभाग को भनक तक नहीं

बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 11 केवी (11 हजार वोल्ट) की हाईटेंशन लाइन से करीब 13.2 किलोमीटर बिजली का तार चोरी हो गया, लेकिन बिजली विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यशैली और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

88 बिजली पोलों से गायब हुआ हाईटेंशन तार

जानकारी के अनुसार, मझौलिया प्रखंड की रमपुरवा महानवा पंचायत में लगे 88 बिजली पोलों से लगभग 13.2 किलोमीटर लंबा हाईटेंशन तार गायब मिला। बताया जा रहा है कि यह चोरी एक दिन में नहीं, बल्कि पिछले करीब एक महीने के दौरान हुई।

सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे चोरी होती रही, लेकिन न बिजली विभाग को इसकी जानकारी हुई और न ही पुलिस प्रशासन को।

मुखिया पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

रमपुरवा महानवा पंचायत के मुखिया पक्ष ने पूरे मामले में बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

मुखिया के बेटे उपेंद्र कुमार ने कहा कि यदि विभाग नियमित रूप से लाइन की निगरानी करता, तो इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

“रमपुरवा महानवा पंचायत में करीब 88 पोलों से बिजली के तार काट लिए गए हैं। काफी समय से तार गायब हो रहे थे। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि हमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका है।”
— उपेंद्र कुमार, मुखिया के बेटे

11 हजार वोल्ट की लाइन से चोरी ने बढ़ाई हैरानी

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस लाइन से तार चोरी हुआ, वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन है। ऐसे में बिना तकनीकी जानकारी और पर्याप्त तैयारी के इतनी लंबी लाइन से तार काटना सामान्य चोरी नहीं माना जा रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच

बिजली विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि यह केवल चोरी का मामला है या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह अथवा विभागीय मिलीभगत की भूमिका है।

फिलहाल 11 केवी लाइन से 13.2 किलोमीटर हाईटेंशन तार चोरी की यह घटना पूरे प्रशासनिक तंत्र और बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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