अस्पताल परिसर के शिव मंदिर में प्रेम विवाह का प्रयास, शादीशुदा युवती प्रेमी संग पहुंची; दोनों पक्षों में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

शेखपुरा। जिले के बरबीघा प्रखंड स्थित रेफरल अस्पताल परिसर का शिव मंदिर उस समय अचानक चर्चा का केंद्र बन गया, जब एक प्रेमी जोड़ा विवाह करने के उद्देश्य से मंदिर पहुंच गया। युवती पहले से शादीशुदा बताई जा रही है। जैसे ही प्रेम विवाह की जानकारी मायके और ससुराल पक्ष को मिली, दोनों ओर से लोग मंदिर पहुंच गए और जमकर हंगामा शुरू हो गया।

मंदिर परिसर में बढ़ते तनाव और भीड़ की सूचना मिलते ही बरबीघा और मिशन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद हालात काबू में किए और प्रेमी जोड़े को सुरक्षा के तहत थाने ले गई।

एक साल पहले हुई थी युवती की शादी

पुलिस के अनुसार युवती की पहचान सदर प्रखंड के मंदना गांव निवासी दशरथ राम की 20 वर्षीय पुत्री निशा कुमारी के रूप में हुई है। युवक सरमैदान गांव निवासी परमानंद राम का 21 वर्षीय पुत्र अंग्रेज कुमार बताया गया है।

परिजनों ने बताया कि निशा की शादी करीब एक वर्ष पूर्व लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी दिलखुश कुमार से हुई थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ हरियाणा के बल्लभगढ़ में रह रही थी। इसी दौरान उसका परिचय अपने भाभी के भाई अंग्रेज कुमार से हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया।

हरियाणा से लाकर मंदिर में शादी की कोशिश

आरोप है कि युवक हरियाणा पहुंचा और युवती को अपने साथ बरबीघा ले आया। यहां दोनों ने अस्पताल परिसर स्थित शिव मंदिर में शादी करने का प्रयास किया। इसी बीच इसकी भनक लगते ही दोनों परिवारों के लोग पहुंच गए और विवाद बढ़ गया।

घटना के दौरान युवती की बीमार मां भी अस्पताल परिसर में मौजूद थी। हंगामे और तनाव के बीच उनकी तबीयत भी बिगड़ती रही और वे कई बार बेहोश हो गईं। इसके बावजूद प्रेमी जोड़ा साथ रहने की जिद पर अड़ा रहा।

पुलिस के सामने भी साथ रहने की जिद

थाने में पूछताछ के दौरान भी दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने की बात दोहराई। युवती ने पुलिस को बताया कि वह पिछले दो साल से युवक से प्रेम करती है और परिवार ने उसकी शादी जबरन दूसरी जगह करा दी थी।

मिशन थाना अध्यक्ष आदित्य रंजन ने बताया कि दोनों को रात भर थाने में रखा गया। मायके, ससुराल और युवक पक्ष को बुलाकर काउंसलिंग कराई गई। काफी समझाने के बाद भी युवती का पहला पति उसे साथ रखने को तैयार नहीं हुआ।

लिखित शिकायत नहीं, युवक रिहा

पुलिस के अनुसार किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई। इसके बाद युवती को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया, जबकि युवक को भी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। मामले को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।

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