भागलपुर में कला और प्रतिभा का शानदार संगम, आर्टिफॉर्म डांस चैंपियनशिप 2026 में भारत-नेपाल के कलाकारों ने जीता दिल

भागलपुर शहर शनिवार को कला, संस्कृति और प्रतिभा के अद्भुत उत्सव का साक्षी बना। शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित आर्टिफॉर्म डांस चैंपियनशिप 2026 ने नृत्य प्रेमियों को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहां देश और विदेश से आए प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक मंच सज्जा, पारंपरिक और आधुनिक नृत्य शैलियों का अद्भुत संगम तथा दर्शकों की गूंजती तालियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी अंकित रंजन, किलकारी बिहार बाल भवन भागलपुर के पदाधिकारी साहिल राज और अभिलाषा कुमारी, कथक नृत्य गुरु निभास मोदी, आयोजन समिति के सदस्य अमर और अंजली सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया और प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

आर्टिफॉर्म डांस चैंपियनशिप 2026 में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में बच्चों, युवाओं और विभिन्न आयु वर्ग के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि नेपाल से भी कलाकार भागलपुर पहुंचे और अपनी शानदार प्रस्तुतियों से प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। इससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई।

प्रतियोगिता के दौरान मंच पर एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। प्रतिभागियों ने कथक, भरतनाट्यम, लोकनृत्य, बॉलीवुड, फ्यूजन, कंटेम्परेरी, हिप-हॉप और फ्रीस्टाइल जैसी विभिन्न नृत्य शैलियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हर प्रस्तुति में कलाकारों का आत्मविश्वास, तालमेल, अभिव्यक्ति और ऊर्जा साफ दिखाई दे रही थी। दर्शकों ने हर प्रस्तुति का जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।

आयोजन में प्रतिभागियों के उत्साह को बढ़ाने के लिए कुल 75 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि निर्धारित की गई थी। इस आकर्षक पुरस्कार ने प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बना दिया। प्रतिभागियों ने बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़ी मेहनत की थी और मंच पर उसका प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई दिया। कई प्रस्तुतियां ऐसी रहीं जिन्होंने दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों को भी प्रभावित किया।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रसिद्ध नृत्य विशेषज्ञ दीपिका सोनी और अमन शाह ने किया। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का तकनीकी और कलात्मक आधार पर मूल्यांकन किया। उन्होंने नृत्य की शुद्धता, अभिव्यक्ति, मंच प्रस्तुति, तालमेल, रचनात्मकता और आत्मविश्वास जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अंक प्रदान किए। प्रतियोगिता निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।

कार्यक्रम का मंच संचालन मुंबई से आए ओगी (Oggy) ने किया। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति और आकर्षक अंदाज ने पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह बनाए रखा। उन्होंने प्रतिभागियों का परिचय रोचक शैली में कराया और कार्यक्रम को लगातार जीवंत बनाए रखा। उनकी उपस्थिति ने आयोजन में मनोरंजन का अलग ही रंग भर दिया।

टाउन हॉल में सुबह से ही दर्शकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कार्यक्रम शुरू होने के बाद हॉल लगभग पूरी तरह भर गया। बड़ी संख्या में अभिभावक, कला प्रेमी, स्थानीय नागरिक और विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग प्रतियोगिता देखने पहुंचे। हर शानदार प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट पूरे सभागार में गूंजती रही। कई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावुक भी किया, जबकि कुछ प्रस्तुतियों ने अपनी ऊर्जा और आधुनिक शैली से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की वेशभूषा, संगीत और मंच सज्जा भी आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक भारतीय परिधानों से लेकर आधुनिक कॉस्ट्यूम तक, हर प्रस्तुति में विषय के अनुसार विशेष तैयारी दिखाई दी। प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि प्रणाली ने भी पूरे आयोजन को और प्रभावशाली बना दिया।

आर्टिफॉर्म डांस अकादमी के संचालकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। उनका कहना था कि भागलपुर में कला और संस्कृति की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार के आयोजन स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रतियोगिता को जिस तरह का समर्थन और उत्साह मिला है, उसे देखते हुए आने वाले वर्षों में इसे और भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी। भविष्य में देश के अधिक राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा ताकि यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर सके।

आयोजकों का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज में कला के प्रति सम्मान और नई पीढ़ी में रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। नृत्य जैसी विधाएं युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करती हैं। यही कारण है कि इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि भागलपुर में इतने बड़े स्तर पर कला और संस्कृति से जुड़े आयोजनों का होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उनका मानना है कि यदि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहे तो भागलपुर कला, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है।

स्थानीय कलाकारों और अभिभावकों ने भी आयोजन की प्रशंसा की। उनका कहना था कि छोटे शहरों के प्रतिभाशाली बच्चों को अक्सर बड़े मंच नहीं मिल पाते, लेकिन इस प्रकार की प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी कला दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। इससे कलाकारों का मनोबल बढ़ता है और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरित होते हैं।

आर्टिफॉर्म डांस चैंपियनशिप 2026 ने यह साबित कर दिया कि भागलपुर केवल शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। भारत और नेपाल के कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों, दर्शकों के उत्साह और सफल आयोजन ने इस प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा तथा भागलपुर देश के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी विशेष पहचान स्थापित करेगा।

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