‘संकटमोचन’ की शरण में दिग्गज: अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

पटना। बिहार की राजधानी में ऐतिहासिक मंत्रिमंडल विस्तार की पूर्व संध्या पर राजनैतिक सरगर्मियों के बीच आध्यात्मिकता का रंग भी गहरा गया है। बुधवार, 06 मई 2026 की रात पटना पहुँचने के तुरंत बाद, देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीधे राजवंशी नगर स्थित सुप्रसिद्ध पंचरूपी हनुमान मंदिर का रुख किया। यहाँ इन दोनों कद्दावर नेताओं ने भगवान बजरंगबली की विशेष आरती और पूजा-अर्चना की। बिहार में नई सरकार के पूर्ण गठन और सात मई को होने वाले मेगा शपथ ग्रहण समारोह से पहले इस मंदिर यात्रा को ‘शक्ति और सफलता’ के आशीर्वाद के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस पल को अपना सौभाग्य बताया और प्रभु से समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

पंचरूपी हनुमान मंदिर में सजी आरती: राष्ट्रीय नेतृत्व का संगम

​राजवंशी नगर का पंचरूपी हनुमान मंदिर अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राचीनता के लिए जाना जाता है। बुधवार की रात जब गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहाँ पहुँचे, तो मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूँज उठा। इस पावन अवसर पर भाजपा का शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व भी मौजूद रहा, जिसमें शामिल थे:

  • नितिन नवीन: भाजपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • बी. एल. संतोष: आदरणीय राष्ट्रीय संगठन महामंत्री

​तस्वीरों में देखा जा सकता है कि अमित शाह हाथ में आरती की थाल लिए पूर्ण भक्ति भाव से प्रभु की आराधना कर रहे हैं। सम्राट चौधरी ने इस साझा पूजा को बिहार की प्रगति और शांति के लिए समर्पित किया। नेताओं ने मंदिर के गर्भगृह में माथा टेका और पुजारियों से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए लिखा— “संकट मोचन बजरंगबली की कृपा सभी पर बनी रहे और सबका कल्याण हो”

कैबिनेट विस्तार से पहले आध्यात्मिक ऊर्जा का संचय

​राजनैतिक प्रेक्षकों का मानना है कि कल (7 मई) गांधी मैदान में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह एनडीए के लिए एक बहुत बड़ा पड़ाव है। ऐसे में चुनाव परिणामों की सफलता और आगामी चुनौतीपूर्ण प्रशासनिक कार्यकाल के लिए भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेना एक गहरी राजनैतिक परंपरा का हिस्सा भी है। अमित शाह, जिन्हें भारतीय राजनीति का ‘चाणक्य’ माना जाता है, उनकी हनुमान भक्ति अक्सर महत्वपूर्ण कार्यों से पूर्व देखी जाती है।

​सम्राट चौधरी, जो खुद को एक समर्पित हिंदू गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हैं, उनके लिए भी यह मंदिर यात्रा अपनी राजनैतिक जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाने का माध्यम है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बिहार की इस नई पारी को कितनी गंभीरता और उत्साह के साथ देख रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भक्तों का उत्साह

​वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए राजवंशी नगर और मंदिर के आसपास के इलाकों को अभेद्य सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। हालांकि, भारी सुरक्षा के बावजूद मंदिर के बाहर सैकड़ों श्रद्धालु और पार्टी कार्यकर्ता अपने नेताओं की एक झलक पाने के लिए जमा थे। आरती संपन्न होने के बाद नेताओं ने कुछ क्षण वहां बिताए और फिर कल के बड़े दिन की तैयारियों के लिए रवाना हुए।

​कल दोपहर 12:10 बजे गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में जो नई टीम शपथ लेने वाली है, उसके लिए आज की यह ‘बजरंगबली’ की शरण एक सकारात्मक और ऊर्जावान संदेश है। पटना की रात अब उस सुबह का इंतजार कर रही है जब ‘लोक सेवक आवास’ (1 अण्णे मार्ग) के नए निवासी अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ बिहार के विकास की शपथ लेंगे।

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