
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एडवाइजरी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों और शिक्षकों से प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। इस एडवाइजरी के सामने आते ही अभिनेत्री और फिल्ममेकर पूजा भट्ट ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का दायित्व छात्रों की आवाज दबाना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार देना है।
DU ने छात्रों और शिक्षकों को क्या सलाह दी?
दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में छात्रों और शिक्षकों से अपील की गई कि वे जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखें। विश्वविद्यालय ने कहा कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने से कानूनी कार्रवाई, सुरक्षा संबंधी जोखिम, पढ़ाई पर असर और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया पर बड़ी मात्रा में फर्जी और भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है। ऐसे में छात्रों को किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की सलाह दी गई है।
पूजा भट्ट ने जताई नाराजगी
विश्वविद्यालय की एडवाइजरी वायरल होने के बाद पूजा भट्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर छात्रों की आवाज को दबाया जाएगा तो इससे उनके भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकार दोनों प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि यदि समाज वास्तव में युवाओं के भविष्य की चिंता करता है, तो उसे छात्रों के सवाल पूछने और अपनी बात रखने के अधिकार का समर्थन करना चाहिए, न कि उन्हें चुप रहने की सलाह देनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
पूजा भट्ट के बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। एक वर्ग ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।
वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य किसी की अभिव्यक्ति पर रोक लगाना नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है।
क्या है पूरा मामला?
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन अब दिल्ली से निकलकर देश के कई शहरों तक पहुंच चुका है।
दूसरी ओर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा है कि छात्रों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इसी आंदोलन के समर्थन में कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं।
छात्र अधिकार बनाम सुरक्षा की बहस तेज
DU की एडवाइजरी और पूजा भट्ट की प्रतिक्रिया के बाद देशभर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, छात्र अधिकार और परिसर की सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम मान रहा है, जबकि दूसरा इसे छात्रों की आवाज सीमित करने की कोशिश के रूप में देख रहा है। फिलहाल इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला लगातार जारी है।


