PM मोदी के देर रात वीडियो पर राहुल गांधी का पलटवार, बोले— ‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए, आधी रात के संदेश से छात्रों का अपमान मत कीजिए’

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात जारी वीडियो संदेश पर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और आधी रात को वीडियो जारी कर उनकी भावनाओं का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी का सीधा हमला

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग कर रहे हैं, इसलिए सरकार को वीडियो संदेश देने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, छात्रों पर कथित बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और सरकार छात्रों से माफी मांगे।

जयराम रमेश बोले— छात्रों का सरकार से भरोसा उठ गया

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों का सरकार पर विश्वास खत्म हो चुका है क्योंकि सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों से ज्यादा राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की वास्तविक चिंताओं का समाधान करने के बजाय सरकार केवल घोषणाएं कर रही है।

PM मोदी ने वीडियो में क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का मसौदा तैयार हो चुका है और इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित विधेयक को संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश की जाएगी। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पहले भी कर चुके हैं अपील

इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक के दोषियों को जल्द एवं कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन

इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अनशन तोड़ा। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो भी मौजूद रहीं।

CJP ने जताई खुशी, बातचीत पर बनी सहमति

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि संगठन ने पहले भी वांगचुक से उपवास खत्म करने का अनुरोध किया था।

सौरव दास के अनुसार, आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रों की प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को एक तटस्थ स्थान के रूप में चुना गया है, जहां दोनों पक्षों के बीच संवाद होगा।

  • ये भी पढ़े..

    सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के तरीके पर संजय राउत ने उठाए सवाल, बोले- सरकार बताए क्या हुआ समझौता?

    Share Add as a preferred…

    दिल्ली यूनिवर्सिटी की एडवाइजरी पर राहुल गांधी का हमला, बोले- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं

    Share Add as a preferred…