15 दिन में सुधरेगा हर हादसाग्रस्त स्थान, सुरक्षा मानकों से लैस होंगी राज्य की सड़कें
पटना। बिहार में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त एक्शन प्लान तैयार किया है। अब राज्य की सड़कों पर सिर्फ हादसों की गिनती नहीं होगी, बल्कि जहां दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां तुरंत सुधार किया जाएगा। विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि अप्रैल 2026 तक बिहार के सभी ब्लैक स्पॉट खत्म कर दिए जाएंगे और सड़कों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा।
अब सिर्फ रिपोर्ट नहीं, 15 दिन में होगा सुधार
परिवहन विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी सड़क पर अगर ब्लैक स्पॉट या दुर्घटना संभावित स्थल चिन्हित होता है तो 15 दिनों के भीतर वहां सुधार कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। अब केवल जांच रिपोर्ट बनाकर फाइल बंद नहीं की जाएगी, बल्कि मौके पर ठोस कार्रवाई होगी।
पटना–वैशाली में 59 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
अब तक पटना और वैशाली में 59 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं, जहां सुधार कार्य को लेकर सहमति बन गई है। इसके अलावा गया, जहानाबाद, पूर्णिया, सीतामढ़ी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, शिवहर, छपरा और मोतिहारी जैसे जिलों में भी नए ब्लैक स्पॉट की पहचान और उन्हें दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया गया है।
हाईवे पर लगेगा अस्पतालों का पूरा ब्यौरा
दुर्घटना के बाद घायलों को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विशेष साइनेज लगाए जाएंगे। इन पर नजदीकी सरकारी व निजी अस्पतालों का नाम और सटीक दूरी लिखी होगी। जिला प्रशासन निजी अस्पतालों से समन्वय कर यह व्यवस्था लागू करेगा।
गुड सेमेरिटन को नहीं होगा परेशान
हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले नेक लोगों यानी गुड सेमेरिटन से पुलिस पूछताछ नहीं करेगी। इलाज के दौरान पैसों की कमी के कारण किसी भी घायल का उपचार रोका नहीं जाएगा। एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।
हर हादसे के बाद बनेगी विस्तृत रिपोर्ट
प्रत्येक दुर्घटना के बाद गठित टीम मौके की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और जिला प्रशासन इसकी निगरानी करेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक बार सुधार के बाद उस स्थान पर दोबारा वैसी स्थिति उत्पन्न न हो।


