
बिहार में शराबबंदी के बाद सूखे नशे का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। ताजा मामला राजधानी पटना से सामने आया है, जहां पुलिस ने विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर 19 और 20 अप्रैल 2026 को चित्रगुप्तनगर, मुसल्लहपुर, कंकड़बाग और गोपालपुर थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन और कफ सिरप बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जब्त नशीली दवाओं की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल से नशीले इंजेक्शन ले जाने की सूचना से हुई थी। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अरनव कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर कंकड़बाग स्थित एक गोदाम में छापेमारी की गई, जहां से 31,250 नशीले इंजेक्शन, 5,760 कोडिनयुक्त कफ सिरप और 35 स्नेक वेनम एंटीसिरम बरामद किए गए। इसके अलावा एक स्कूटी, दो मोटरसाइकिल, एक कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है।
इसके बाद पहले से गिरफ्तार मंटू कुमार से पूछताछ के आधार पर मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र से छोटू कुमार को 2,000 एम्पुल इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया गया। छोटू की निशानदेही पर गोपालपुर स्थित एक अन्य गोदाम से 33,800 एम्पुल प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए। गोदाम के मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पूरे अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 67,050 एम्पुल प्रतिबंधित इंजेक्शन और 5,760 कफ सिरप जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सभी आरोपी एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो नशीली दवाओं के भंडारण और सप्लाई में संलिप्त थे।
नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध नशा कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


