बांदा (यूपी)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुसलमानों को गाली देने से भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, इसके लिए हिंदुओं को पहले अपनी कमियों और कुरीतियों को दूर करना होगा।
हिंदुओं को आत्ममंथन की जरूरत
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म में जो भी कमियां हैं, उन्हें सुधारना जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा,
“जब हम अपनी गलतियों को दूर करेंगे, तभी भारत हिंदू राष्ट्र बन पाएगा।”
उन्होंने जातिवाद पर खुलकर बोलते हुए कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करने का रास्ता जाति-पाति को खत्म करने से होकर जाता है।
उन्होंने नारा देते हुए कहा—
“जाति-पाति की करो बुराई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”
हिंदू एकता पर दिया जोर
शास्त्री ने श्रद्धालुओं से संवाद के दौरान कहा कि हिंदुओं को आपस में बांटने वाली सोच छोड़नी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में सुधार और एकता के बिना किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है।
सामाजिक व्यवस्था और कानून पर टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना किसी धर्म का नाम लिए तलाक व्यवस्था की तुलना भी की। शास्त्री ने कहा कि एक धर्म में तीन बार कहने से तलाक हो जाता है, जबकि हिंदू समाज में तलाक के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और 20–25 पेशियां तक चलती हैं। उन्होंने इसे सामाजिक और कानूनी संतुलन से जोड़कर देखा।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बांदा में बीजेपी सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पर आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और शास्त्री ने सामाजिक समरसता, शांति और कानून के दायरे में रहने की अपील की।
मौजूदा संदर्भ में बयान
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जाति-पाति खत्म करने पर जोर ऐसे समय में आया है, जब देश में यूजीसी के नए नियमों को लेकर बहस चल रही है और सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा तेज है।


